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सीजीएचएस डिस्पेंसरी सेक्टर-5 में चिकित्सकों की भारी कमी

गुरुग्राम। सेक्टर-5 स्थित केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) डिस्पेंसरी में चिकित्सकों की कमी के कारण बुजुर्ग सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रेफरल बनवाने और दवाइयां लेने के लिए हर रोज मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे अधिकांश बुजुर्गों को बिना इलाज व दवाई के ही खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। ऑल इंडिया एक्स पैरा-मिलिट्री पर्सनल एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव आरपी सिंह चौहान ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए बताया कि सेक्टर-55 और सेक्टर-5 स्थित सीजीएचएस की दो डिस्पेंसरियाँ संचालित हैं। सेक्टर-5 स्थित डिस्पेंसरी में न केवल गुरुग्राम, बल्कि दूर-दराज के जिलों से भी सेवानिवृत्त कर्मचारी इलाज और रेफरल के लिए आते हैं। इसके चलते यहाँ मरीजों का भारी दबाव रहता है। बुजुर्ग कर्मचारियों को डॉक्टर से मिलने, रेफरल की मंजूरी लेने और दवाइयां प्राप्त करने में 2 से 3 घंटे तक का समय कतारों में बिताना पड़ता है। कई बार भीड़ अधिक होने के कारण नंबर ही नहीं आता और लोग निराश होकर लौट जाते हैं।चौहान ने जब इस समस्या को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से बात की, तो सामने आया कि डिस्पेंसरी में चिकित्सकों की स्वीकृत संख्या 6 से 7 है। हालांकि, वर्तमान में 2 चिकित्सकों के पद खाली हैं और 1-2 चिकित्सक छुट्टी पर रहते हैं, जिससे अक्सर ड्यूटी पर केवल 2 या 3 चिकित्सक ही उपलब्ध हो पाते हैं। ये चिकित्सक 2 बजे तक ही मरीज देखते हैं, जिससे सभी लोगों की जांच संभव नहीं हो पाती। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि डिस्पेंसरी में डॉक्टरों की स्वीकृत संख्या को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, चिकित्सकों द्वारा मरीजों को देखने का समय दोपहर 2 बजे से बढ़ाकर कम से कम अपराह्न 3 बजे तक किया जाए ताकि दूर-दराज से आए वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जिन पूर्व कर्मचारियों ने अपने जीवन के अमूल्य वर्ष देश सेवा में लगाए हैं, उन्हें उनके बुढ़ापे में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना केंद्र सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।