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विधि विधान से गणेश जी की प्रतिमाएं संस्थाएं करेंगी स्थापित

गुरुग्राम। गणेश चतुर्थी विघ्रहर्ता भगवान गणेश को समर्पित है। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान गणेश की जहां विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं, वहीं उनसे मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना भी करते हैं। आज सोमवार को यानि कि भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष को गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा अर्चना करेंगे। यह आयोजन आगामी 25 सितम्बर तक आयोजित होगा। मान्यता है कि सभी देवताओं में गणेश जी का स्थान सर्वोपरि है। गणेश जी को सभी परेशानियों और बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। भगवान गणेश की नियमित पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है। पौराणिक मान्यता है कि शुभ गणपति के पुत्र माने गए हैं. वहीं ज्योतिष शास्त्र कहता है कि शुभ योग में कोई महान कार्य करने से मनुष्य का व्यक्तिव निखरता है और वह प्रसिद्धि को प्राप्त करता है। ऐसे में गणपति पूजन कर नए काम की शुरुआत करने के लिए यह दिन बहुत शुभ होता है।
बाजारों में श्रद्धालुओं की लगी है भीड़
शहर के सभी बाजारों में भगवान गणेश जी की प्रतिमाओं की खरीददारी के लिए श्रद्धालुओं  की भीड़ लगी है, जो आज गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करेंगे। बाजारों में भगवान गणेश की छोटी और भव्य प्रतिमाएं सज गई हैं। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ईको-फ्रेंडली मूर्तियों की मांग विशेष रूप से बढ़ रही है। मूर्तियों की कीमत 100 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक है। पंडालों और घरों को सजाने के लिए एलईडी लाइट्स, फूलों की मालाएं, और आकर्षक वस्त्र बाजार में उपलब्ध हैं। हालांकि पिछले साल के मुकाबले सजावट के सामान और फूलों-फलों के दामों में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक की तेजी आई है।
गणेशोत्सव समितियों ने कर ली है पूरी तैयारियां
गणेशोत्सव पर्व को बहुत सी संस्थाएं बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाती आ रही हैं। मराठी सांस्कृतिक संगठन, सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि यह उत्सव बड़ा भव्य और विशेष होगा। यानि कि 100 दंपत्ति एक साथ गणेश जी की प्रतिमा की महाआरती करेंगेे। कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इको फ्रेंडली तरीके से पर्व को मनाया जाएगा। पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया है। आज प्रात: गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना पूरे विधि विधान के अनुसार की जाएगी।