गुरुग्राम। वीरवार को निर्जला एकादशी का व्रत रखकर जहां श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की, वहीं अपनी सामथ्र्यनुसार जरुरतमंदों व बेसहारा लोगों को खाद्य सामग्री आदि का दान भी दिया। कहा जाता है कि यदि कोई व्यक्ति पूरे वर्ष एकादशी के व्रत नहीं रख पाता तो यदि वह निर्जला एकादशी का व्रत रख लेता है तो साल में आने वाले 24 एकादशियों का पुण्य फल उसे प्राप्त हो जाता है। महिला श्रद्धालुओं ने अपने घरों में एकत्रित होकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना कर अपने परिजनों के लिए सुख-समृद्धि की कामना भी की। धार्मिक मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठर व अर्जुन को एकादशी व्रत के बारे में बताया भी था। श्रद्धालुओं व विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निर्जला एकादशी का आयोजन किया गया। राह चलते राहगीरों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए मीठे शीतल जल का सेवन भी कराया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने शीतल जल की छबीलें भी लगाई हुई थी। कई स्थानों पर विशाल भण्डारों का आयोजन भी किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि निर्जला एकादशी व्रत सभी तीर्थों में स्नान करने के समान होता है। इस व्रत के रखने व दान पुण्य करने से इंसान सभी पापों से मुक्ति पा जाता है और उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है तथा उसके जीवन में आए सभी संकट भी दूर हो जाते हैं। दानवीरों ने इस अवसर पर वस्त्रदान, फल, भोजन आदि का भी बडे स्तर पर दान किया।
व्रत रखकर लोगों ने धूमधाम से मनाई निर्जला एकादशी

