गुरुग्राम। बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर देश भर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में राजेन्द्र पार्क क्षेत्र में सामाजिक संस्था महिला जन सेवा समिति द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में हिलाओं ने भाग लिया और भरत भूषण तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही, महिलाओं ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ (अलीगंज) में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 छात्र-छात्राओं को भी याद किया। समिति की अध्यक्ष रूपा पटेल ने कहा कि भरत तिवारी का एनकाउंटर पूरी तरह से गैर-कानूनी है और यह हमारे देश के संविधान एवं लोकतंत्र की हत्या है। जब भरत तिवारी ने पुलिस के सामने अपने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया था, तो ऐसी क्या परिस्थिति बनी की पुलिस को निहत्थे युवक पर गोली चलानी पड़ी। उन्होंने कहा कि वह केवल एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में स्थानीय जनता की समस्याओं और बदहाली को लेकर सरकार को सचेत कर रहे थे। उन्होंने जनता की आवाज को सरकार व प्रशासन तक पहुंचाया, लेकिन बार-बार याचिका लगाने के बाद भी प्रशासन द्वारा उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। महिला समाज इस कथित फर्जी एनकाउंटर की कड़े शब्दों में निंदा करता है और मामले में न्याय की मांग करता है। श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में पुष्पा, सीमा, राधा, बबीता, ज्योति, रानी, खुशबू, गंगा, पिंकी, डोली, संतोषी, राफिया, हिना, स्नेहा, माही, आयत, शिवानी, इशा, पंछी, रूपा कुमारी, सोनल, रश्मी, रूबी, रेनू, प्रमिला, माया,जुली देवी, अनन्या, कशिश, स्वेता, रेनू, शोभा, किरन, गुडिया, आयशा, दिव्या, कस्तूरी, सना प्रवीन, माही, महक, शोभा, इन्दू, अमीषा, माधुरी, ज्ञानती, सुमालती आदि शामिल रही।
भरत तिवारी का एनकाउंटर संविधान एवं लोकतंत्र की हत्या, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई : रूपा पटेल

