गुरुग्राम। भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) सॉफ्टवेयर और मैपिंग सॉल्यूशंस के क्षेत्र की अग्रणी एसरी इंडिया और दिल्ली टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (डीटीयू) ने समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत डीटीयू में जियोस्पैटियल टेक्नोलॉजीज़ और विशेष रूप से जियोएआई पर केंद्रित एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। एसरी इंडिया के प्रबंध निदेशक अगेंद्र कुमार का कहना है कि यह कदम देश में अगली पीढ़ी के इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और डेटा वैज्ञानिकों को अत्याधुनिक जीआईएस एवं जियोएआई क्षमताओं से लैस करने और उद्योग की जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा। छात्रों को वैश्विक स्तर के संसाधनों और जियोस्पैटियल कंटेंट तक पहुंच मिलेगी। मेरिट आधारित इंटर्नशिप की सुविधा मिलेगी और शिक्षकों के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उनका कहना है कि जियोस्पैटियल इंटेलिजेंस और एआई तेजी से एक दूसरे से जुड़ रहे हैं। देश को ऐसे कुशल कार्यबल की जरूरत है जो वास्तविक दुनिया पर प्रभाव के लिए इस ताकत का दोहन कर सके। डीटीयू के साथ यह साझीदारी मुख्य धारा की शिक्षा में जियोएआई को शामिल करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डीटीयू के कुलपति प्रो. प्रतीक शर्मा का कहना है कि यह समझौता उद्योग और अकादमिक क्षेत्र के बीच सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण बनेगा। विभाग शीघ्र ही जियोइन्फॉर्मेटिक्स में एग्जिक्यूटिव मास्टर प्रोग्राम और स्नातक प्रोग्राम शुरू करने की योजना बना रहा है। डीटीयू का लक्ष्य जियोस्पैटियल साइंस एवं टेक्नोलॉजी को एक स्वतंत्र विषय के रूप में देश में स्थापित करना और इसमें वैश्विक लीडर बनना है। छात्रों के लिए रोजगार और अनुसंधान के नए रास्ते खुलेंगे।
एसरी इंडिया व डीटीयू के समझौते से जियोएआई शिक्षा एवं अनुसंधान को मिलेगी रफ्तार

