गुरुग्राम।चंद मिनटों की बारिश ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों और विकास के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। रेलवे स्टेशन मार्ग, दौलताबाद फ्लाईओवर के दोनों ओर, राजेंद्र पार्क तथा लक्ष्मण विहार जैसे प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति बदतर हो गई है कि पैदल यात्रियों और स्कूली बच्चों के लिए सडक़ों पर चलना किसी खतरे से खाली नहीं रहा है। जलभराव के कारण सबसे ज़्यादा परेशानी का सामना नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चों को करना पड़ रहा है। स्थानीय छात्राओं राधिका, प्राची, काजल, सोनिया, रश्मि, पंछी, आदित्य, देव, कृष्णा, रंजीत, राजेश, पूजा और सोनी आदि का कहना है कि बारिश के बाद सडक़ों पर पानी भर जाने से पैदल चलने के लिए कोई रास्ता ही नहीं बचता। उनका कहना है कि सडक़ों पर इतना पानी जमा हो जाता है कि पता ही नहीं चलता कि कहाँ समतल सडक़ है और कहाँ जानलेवा गड्ढे। कई तस्वीरें और दृश्य इस बात की गवाही दे रहे हैं कि बच्चे किस तरह घुटने तक भरे पानी में से अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश पटेल का कहना है कि सबसे चिंताजनक स्थिति राजेंद्र पार्क की मुख्य सडक़ पर केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक तथा आसपास के इलाकों में देखने को मिल रही है। यहाँ सडक़ पर पहले से बने स्पीड ब्रेकर पूरी तरह टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिसके कारण उनमें से लोहे की तीखी और नुकीली कीलें बाहर निकल आई हैं। सडक़ पर पानी भर जाने के कारण ये नुकीली कीलें जलमग्न हो जाती हैं और राहगीरों या वाहन चालकों को दिखाई नहीं देतीं। इसके चलते आए दिन पैदल चलने वाले लोग, स्कूली बच्चे और दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। कई लोगों के पैर और वाहनों के टायर इन कीलों की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। राजेंद्र पार्क की लगभग हर गली और मुख्य मार्ग जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। प्रशासन या तो इन क्षतिग्रस्त सडक़ों और स्पीड ब्रेकर्स को तुरंत दुरुस्त करे, या फिर बाहर निकली हुई लोहे की जानलेवा कीलों को अविलंब कटवाकर सुव्यवस्थित करे ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। उन्होंने कहा कि ऐसे तमाम खतरनाक स्थानों को तुरंत चिह्नित किया जाए। बिना किसी बड़े हादसे का इंतजार किए, इस समस्या से आम जनता को तुरंत निजात दिलाई जाए।
चंद मिनटों की बारिश ने खोली प्रशासनिक दावों की पोल,

