गुरुग्राम। साईबर सिटी ही नहीं, अपितु प्रदेश के विभिन्न जिलों में बिहार मूल के लोग बड़ी संख्या में स्थायी व अस्थायी रुप से निवास करते आ रहे हैं। प्रदेश के विकास में इनका बड़ा योगदान है। ऐसे में हरियाणा व बिहार सरकार के मध्य हुए एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय समझौते के तहत अब दोनों राज्यों के बीच नियमित रूप से रोडवेज बसों का संचालन शुरु होने जा रहा है। इस समझौते से प्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सामाजिक संस्था डा. राजेंद्र प्रसाद फाउण्डेशन के अध्यक्ष राजेश पटेल का कहना है कि दोनों प्रदेशों की सरकार के इस कदम से त्योहारों, शादियों के सीजन और आम दिनों में बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को भारी-भरकम निजी बसों के किराए और ट्रेनों की लंबी वेटिंग लिस्ट से बड़ी मुक्ति मिलेगी। इस द्विपक्षीय समझौते के तहत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आधुनिक और आरामदायक सरकारी बसों का संचालन तय समय-सारिणी के अनुसार किया जाएगा। हरियाणा के गुरुग्राम, अंबाला, सोनीपत, पानीपत और अन्य प्रमुख शहरों से बसें संचालित होंगी, जो बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर पहुंचेंगी। इन बसों के शुरू होने से न केवल आम यात्रियों और कामगारों को बल्कि पढ़ाई कर रहे छात्रों और व्यापारियों को भी सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा का विकल्प मिलेगा। बिहार मूल के प्रवासियों डॉ. आरएन सिंह, डॉ. जेपी कुशवाहा, हरिमूरत उपाध्याय, छोटेलाल प्रधान, राघवेंद्र सिंह, रणधीर राय, राजेश सिंह पटेल, सत्येंद्र सिंह, अभिमन्यु सिंह पटेल, विजय सिंह ठाकुर, भूभी सिंह, रूपा पटेल, रिनू सिंह, माया पटेल, अनिल यादव, धर्मेंद्र कुमार और उमाशंकर आदि का कहना है कि यह हरियाणा सरकार द्वारा उठाया गया एक बेहद सराहनीय और ऐतिहासिक कदम है। हरियाणा में लाखों की संख्या में हमारे बिहार के भाई, बहन, माता-पिता और बुजुर्ग रहते हैं, जिन्हें त्योहारों के समय घर जाने में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता था। ट्रेनों में टिकट न मिलने पर लोग निजी बसों में मनमाना किराया देने को मजबूर थे। इस बस सेवा के सुचारू रूप से शुरू होने से दोनों राज्यों के बीच न केवल यात्रियों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि हरियाणा और बिहार के बीच व्यापारिक, औद्योगिक, शैक्षणिक और सामाजिक ताने-बाने को भी नई मजबूती मिलेगी। इस महीने के अंत तक इन बसों के सडक़ों पर उतरने की उम्मीद जताई जा रही है।
हरियाणा और बिहार सरकार के बीच हुए अंतरराज्यीय बस सेवा समझौते से प्रवासियों में खुशी की लहर

