गुरुग्राम। हरियाणा बिजली पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा महरौली रोड स्थित बिजली निगम के रेस्ट हाउस में शनिवार को पूर्व सीए आजाद अली की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें एसोसिएशन के सदस्य, पदाधिकारी व पैंशनर्स बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक का संचालन यूनिट सचिव बनवारी लाल शर्मा द्वारा किया गया। पूर्व चीफ इंजीनियर दर्शन लाल हंसू, पूर्व एसई दलजीत सिंह, डॉ. अश्वनी कालरा और यूनिट प्रधान राजन शर्मा सहित कई वक्ताओं ने पेंशनरों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर चर्चा की। इस दौरान हरियाणा सरकार के रवैये को लेकर पेंशनरों में भारी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने कहा कि हरियाणा को बुलंदियों पर ले जाने वाले पेंशनरों की लंबे समय से लंबित मांगों की तरफ प्रदेश सरकार बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है। सरकार पिछले 3 साल से कैशलेस-कैशलेस का ढोल पीट रही है, लेकिन बुजुर्गों के लिए इस बेहद जरूरी कैशलेस मेडिकल सुविधा को आज तक धरातल पर लागू नहीं किया गया है। यूनिट प्रधान राजन शर्मा ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही निगम के मेडिकल ऑफिसर से मिलकर स्थानीय शिकायतों का समाधान करवाएंगे। समय रहते पेंशनरों की जायज मांगें पूरी की जाएं और उन्हें आंदोलन के लिए विवश न किया जाए। उन्होंने मांग की है कि कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू की जाए, पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी एलटीसी की सुविधा दी जाए, 80 वर्ष की उम्र में एक साथ 20 प्रतिशत पेंशन बढ़ाने के बजाय, इसे 65, 70, 75 और 80 वर्ष की आयु में 5-5 प्रतिशत के रूप में बढ़ाया जाए। निगम के मौजूदा कर्मचारियों की तर्ज पर बिजली पेंशनरों को भी 80 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए। प्रदेश सरकार के अन्य विभागों की तरह बिजली पेंशनरों को भी पेंशनर बुक दी जाए, क्योंकि वर्तमान में उनके पास पहचान का कोई ठोस जरिया नहीं है। पेंशनरों के पक्ष में आए सभी कोर्ट केसों के निर्णयों को तुरंत लागू किया जाए। पैंशनर्स को पेंशनर्स रत्न अवार्ड- 2026 से सम्मानित भी किया गया।
सरकार की नीतियों से नाराज बिजली पेंशनरों ने बैठक कर जताया रोष

