गुडग़ांव, 6 शताब्दी बाद सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण
कल यानि कि 19 नवम्बर को होने जा रहा है। पूर्वोत्तर भारत के कुछ
क्षेत्रों में यह चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। खगोल विज्ञान में जानकारी रखने
वाले जानकारों का कहना है कि यह चंद्र ग्रहण दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर
शुरु होगा और 4 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। यह इस वर्ष का आखिरी चंद्र ग्रहण
भी होगा। उनका कहना है कि 580 वर्ष बाद हो रहे इस दुर्लभ नजारे को देश के
अरुणाचल व असम के कुछ क्षेत्रों में देखा जा सकेगा। उनका ये भी कहना है
कि पहले इतना लंबा चंद्र ग्रहण वर्ष 1440 की 18 फरवरी को पड़ा था। भविष्य
में ऐसा अवसर 8 फरवरी 2669 में आएगा। उनका कहना है कि धरती का 97 प्रतिशत
हिस्सा चांद के साये में रहेगा। अधिकतम आंशिक ग्रहण 2 बजकर 34 मिनट पर
दिखेगा, जब चांद का 97 प्रतिशत हिस्सा धरती की छाया से ढक जाएगा और इस
दौरान जांच सूर्ख लाल नजर आएगा। जानकारों का कहना है कि चंद्र ग्रहण तब
घटित होता है, जब सूरज और चांद के बीच धरती आ जाती है। धरती की परछाई के
कारण चांद की रोशनी जमीन पर नहीं दिखती। धरती की छाया पूरे चांद को भी ढक
सकती है, जिसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहा जाता है। उनका कहना है कि वैसे तो
यूपी, बिहार, बंगाल, झारखंड व ओडिसा से उप छाया ग्रहण दिखेगा, लेकिन इसकी
अवधि बहुत कम होगी।

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