गुरुग्राम। प्रदेश के भवन निर्माण श्रमिकों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आगामी 14 जुलाई को महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जाएगा। हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड पंचकूला ने इस संबंध में केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी तथा अन्य श्रमिक संगठनों को विचार-विमर्श और समाधान के लिए आमंत्रित किया है। इस उच्च स्तरीय बैठक में एआईयूटीयूसी और भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा। एआईयूटीयूसी और भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि श्रमिकों ने लंबे संघर्षों के बल पर जिन अधिकारों और कल्याणकारी सुविधाओं को हासिल किया था, सरकार उन्हें लगातार कमजोर करने का काम कर रही है। फिलहाल स्थिति यह है कि श्रमिकों को मिलने वाले कई जरूरी लाभ व्यावहारिक रूप से बंद हो चुके हैं, जिससे लाखों निर्माण श्रमिक अपने वैधानिक अधिकारों से पूरी तरह वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि श्रमिक कल्याण बोर्ड में व्यापक भ्रष्टाचार है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की बनती है। भ्रष्टाचार रोकने की आड़ में गरीब श्रमिकों के हक और सुविधाओं की बलि देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है। उनका कहना है कि पहले भवन निर्माण श्रमिकों के 90 दिनों के कार्य का सत्यापन करने का अधिकार ट्रेड यूनियनों के पास था। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती थी और भ्रष्टाचार पर लगाम थी। लेकिन जब से सरकार ने यूनियनों और श्रमिक संगठनों की इस भूमिका को खत्म किया है, तब से ही बोर्ड में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा मिला है। श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को जानबूझकर इतना जटिल बना दिया गया है कि वास्तविक मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ ही नहीं मिल पा रहा है। प्रक्रिया जितनी जटिल होगी, भ्रष्टाचार का रास्ता उतना ही साफ होगा। उन्होंने कहा कि 14 जुलाई को होने वाली इस बैठक में सरकार उनकी जायज और लंबित मांगों का कोई सकारात्मक समाधान निकालेगी। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने साफ चेतावनी भी दी है कि यदि इस वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो एआईयूटीयूसी और भवन निर्माण कारीगर मजदूर यूनियन अन्य सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर पूरे हरियाणा में एक बड़े और व्यापक प्रदेशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक देगी।
भवन निर्माण श्रमिकों की मांगों पर 14 जुलाई को होगी अहम वार्ता,

