NCRNewsUncategorizedअध्यात्मअर्थव्यवस्थादेशबिज़नेसराजनीतिराज्य

सोच नहीं बदली तो बाकी सब परिवर्तन सिर्फ है एक सजावट : डॉ. स्वामी दिव्यानंद महाराज

गुरुग्राम। धार्मिक संस्था श्री गीता बिहारी ज्ञान विद्या पीठ, श्री दिव्य निकुंज, सिविल रोड सूरत के तत्वावधान में आयोजित नामाभ्यास शिविर के दौरान डॉ. स्वामी दिव्यानंद महाराज भिक्षु ने अपने संदेश में जीवन को सही दिशा देने के लिए आंतरिक बदलाव और सही गुरु या चिकित्सक के चुनाव पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई अत्यंत रोगग्रस्त मरीज किसी कुशल और विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेता है, तो वह निश्चित ही स्वस्थ हो जाता है। लेकिन यहाँ ध्यान रखना जरूरी है कि वह डॉक्टर केवल अपनी जाति, परंपरा, वेशभूषा या झूठी प्रसिद्धि के आधार पर न हो, बल्कि वास्तव में योग्य हो। अगर सही डॉक्टर नहीं चुना गया, तो लाभ के बजाय हानि ही होगी। उन्होंने कहा कि संत या कथा प्रवचनकर्ता केवल सुंदर वेशभूषा या सुरीले कंठ से लोगों को प्रभावित करने वाला नहीं होना चाहिए। वह स्वयं तत्व ज्ञानी, भगवत परायण और साधक के हृदय को प्रकाशित करने वाला होना चाहिए। स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि एक अविवेकी और कुसंस्कारी व्यक्ति भी यदि सच्चे संतों की संगति पाकर उनके सद्वचनों को अपना ले, तो वह अपनी सोच और जीवन शैली बदलकर जीवन का परम लाभ प्राप्त कर सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि केवल बातों से बात नहीं बनती। सब कुछ बदला किन्तु यदि सोच न बदली तो शेष परिवर्तन एक सजावट ही है। यदि आंतरिक सोच में बदलाव नहीं आता, तो देर-सवेर साधक की साधना और भजन में गिरावट आना निश्चित है।