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भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन होगा 18 को

गुरुग्राम। देश के चार धामों में से एक उड़ीसा स्थित पुरी में जगन्नाथ मंदिर स्थित है, जहां प्रतिवर्ष आषाढ़ माह में भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी जगन्नाथपुरी सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिरों में रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। साईबर सिटी के सैक्टर 45 स्थित इस्कॉन मंदिर में भी रथयात्रा के आयोजन की तैयारियां पिछले काफी दिनों से की जा रही हैं। मंदिर के अध्यक्ष अच्युत हरिदास प्रभू का कहना है कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की रथयात्रा आगामी 18 जुलाई को धार्मिक संस्था इस्कॉन के सैक्टर 45 स्थित इस्कॉन मंदिर से निकाली जाएगी। फूलों और पत्तों से सजे लोहे के विशाल रथ में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की रथयात्रा का आयोजन इस्कॉन मंदिर से किया जाएगा। लोहे के विशाल रथ को रस्सों के सहारे श्रद्धालु खींचकर ले जाएंगे। यह यात्रा सैक्टर 45 मंदिर से प्रारंभ होकर झाडसा, सैक्टर 15, अग्रवाल धर्मशाला, गुरुद्वारा रोड से होते हुई अग्रसेन चौक पर संपन्न होगी। यात्रा के दौरान नृत्य, नाटक, मृदंग प्रदर्शन और पहाड़ी विजय महोत्सव जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी संस्था से जुड़े श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित किए जांएगे। संस्था से जुड़े साधकों ने बताया कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का उदगम उड़ीसा के जगन्नाथपुरी क्षेत्र से हुआ है। ब्रह्माण्ड पुराण में कहा गया है कि जो कोई भी भगवान जगन्नाथ के रथ को देखता है उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यात्रा का सभी को स्वागत करना चाहिए। इससे न केवल आशीर्वाद मिलता है, अपितु परलोक के बाद भी भगवान के धाम की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि रुस, इंग्लेंड, अमेरिका, बोसनिया, अंर्जेटीना, मैक्सिको, आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों के श्रद्धालु भी इस रथयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होंगे। वृंदावन से भी बड़ी संख्या में साधक रथयात्रा में शामिल होने के लिए आएंगे। ऋषि कुमार दास का कहना है कि 1968 में इस्कॉन के संस्थापक आचार्य प्रभूपाद ने पहली रथयात्रा का आयोजन किया था। तभी से प्रतिवर्ष रथयात्रा का आयोजन किया जाता आ रहा है।