गुरुग्राम। कल यानि कि रविवार सेे शारदीय नवरात्र शुरु होने जा रहे हैं, जिनमें मां दुर्गा की श्रद्धालु विधिवत रुप से पूरे 9 दिन व्रत रखकर उपासना करेंगे। पश्चिम बंगाल क्षेत्र में भी मां दुर्गा का पर्व नवरात्र में धूमधाम से मनाया जाता है। साईबर सिटी के विभिन्न क्षेत्रों में पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र आदि प्रदेशों के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं और अपने पर्वों को मनाने के लिए उन्होंने कई संस्थाओं का गठन भी किया हुआ है। संस्थाओं के माध्यम से ही मां दुर्गा के पर्व का आयोजन किया जाता है। मां दुर्गा की प्रतिमा भी इन आयोजनों में स्थापित की जाती है। पिछले कई माह से कलाकार मां दुर्गा की प्रतिमाएं बनाने में जुटे हैं और इन प्रतिमाओं को कलाकारों द्वारा अंतिम रुप दिया जा रहा है। एमजी रोड पर ये कलाकार पिछले कई दशकों स मां दुर्गा व अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं बनाते आ रहे हैं। प्लास्टर ऑफ पेरिस व मिट्टी के मिश्रण से इन प्रतिमाओं को बनाया जाता है और उनमें आकर्षक रंग भरे जाते हैं, जिससे प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण केंद्र बन जाती हैं। राजस्थान मूल के मूर्तिकार मोहनलाल का कहना है कि उनकी कई पीढियां विभिन्न देेवी-देेवताओं की प्रतिमाएं बनाने में कार्यरत हैं। इस कार्य में उनके परिजन यानि कि महिलाएं व बच्चे भी पूरी मदद करते हैं। महंगाई का असर भी इन प्रतिमाओं पर देेखने को मिल रहा है। मोहनलाल का कहना है कि मां दुर्गा की प्रतिमां विभिन्न साईजों में बनाई जाती हैं। कुछ मूर्तियां तो ऑर्डर पर बनाते हैं, ताकि श्रद्धालु अपनी सामथ्र्यनुसार मां दुर्गा की प्रतिमाएं खरीदकर नवरात्रों में उनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सकें। उनका कहना है कि आज और कल प्रतिमाओं की अच्छी खासी बिक्री हो जाएगी।
मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित होने के लिए हैं तैयार

