गुरुग्राम। जिले के गांव कासन स्थित सरस्वती शिशु विद्यालय परिसर में डा. भीमराव अंबेडकर जयंती व वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं व गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में अतिथि के रुप में सेवानिवृत मेजर जनरल रणजीत सिंह, संजय सिंह, अमित, डा. राजेन्द्र प्रसाद फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश पटेल शामिल हुए। प्रधानाचार्य हरिमूरत उपाध्याय व कृष्णकांत उपाध्याय ने अतिथियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि स्कूलों में ऐसे महापुरुषों के जीवन से संबंधित जानकारी छात्रों को दी जानी जरुरी है। डा. भीमराव अंबेडकर लोकतांत्रिक भारत के सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में से एक थे, जो एक न्यायविद, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे। उनका जन्म वर्ष 1891 की 14 अप्रैल को मध्य प्रदेश के महु नगर छावनी में हुआ था। बेहद गरीब परिवार में जन्मे अंबेडकर ने संविधान के पहले मसौदे को तैयार करने में अहम योगदान दिया था। उन्होंने अछूतों के प्रति सामाजिक भेदभाव के खिलाफ और निचली जातियों के उत्थान के लिए काफी संघर्ष किया था। उन्हें अपने काम के लिए मरणोपरांत 1990 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनका निधन वर्ष 1956 की 6 दिसंबर को हुआ जिसे परिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए। मोबाइल, गेम आदि से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी और उन्हें सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर मयंक, अमन, ज्योति, आदित्य, काजल, शिवम, हर्षवर्धन, काव्या, मन्नू, आकाश, अंशिका, खुशबू, हरीश, अक्षय, अक्षरा, राजेश्वरी, सुनीत आदि मौजूद रहे।
भीमराव अंबेडकर जयंती व वार्षिकोत्सव का हुआ आयोजन

