गुरुग्राम। कॉर्पोरेट सेवाओं के अग्रणी मंच ग्लोबल एसोसिएशन फॉर कॉर्पोरेट सर्विसेज (जीएसीएस) द्वारा 10वें स्थापना दिवस पर समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कॉर्पोरेट विशेषज्ञों, उद्योगपतियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। मात्र 30 सदस्यों से अपनी यात्रा शुरू करने वाले जीएसीएस ने 10 हजार से अधिक पेशेवरों के एक सशक्त राष्ट्रीय समुदाय का रूप ले लिया है। आयोजन में मुख्य अतिथि के रुप में पूर्व सांसद केसी त्यागी व विशिष्ट अतिथि के रुप में आईसीआरआईएसएटी के एडीजी संजय अग्रवाल व आईएएस नवनीत सिंह शामिल हुए और संस्था के 10 वर्षों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम को श्रीलंका के मंत्री परामर्शदाता कपिला कुमार, डॉ. अजय कपूर, लवलीन सापरा, बरुण गुप्ता और राजव वर्मा, मनीष राज, गौरव त्रिखा, अनिल तहलानी, मणियन, पूर्वेश गडा, एचआईएल के सीएमडी कुलदीप सिंह, अश्वनी आचार्य ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण जीएसीएस द्वारा व्यक्त की गई सामाजिक व बुनियादी प्रतिबद्धता रही। संस्था ने घोषणा की कि जीएसीएस और पूरा कॉर्पोरेट सेक्टर भारत सरकार के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में जलभराव की गंभीर समस्या से निपटने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण में सक्रिय सहयोग देगा। समापन सत्र में कपिल चोपड़ा और लेफ्टिनेंट जनरल पी.जे.एस. पन्नू ने भारत की आर्थिक प्रगति पर चर्चा करते हुए विकसित भारत 2047 के विजऩ का रोडमैप प्रस्तुत किया। इस दौरान रमन बोंत्रा ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी के महत्व पर बल दिया। इस अवसर पर टीएचएससी के सीईओ राजन बहादुर, आईआईआरआईएस के गैरी सिंह, संजीव सहगल, संतोष उपाध्याय, कंवर गिल, कर्नल कुमार विक्रम सिंह, सुमीत विज और देवेश गुप्ता ने सुरक्षा परिदृश्य और चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया। आयोजन को सफल बनाने में जीएसीएस के बोर्ड के डॉ. समीर सक्सेना, कपिल खेरा, कैप्टन राजेश शर्मा, डॉ. राहुल लाल, पार्थ सतपथी, पुनीत वाधवा, अरुण खन्ना, पंकज कौशिक और अमिताभ प्रसाद आदि का सहयोग रहा।
जीएसीएस ने विकसित भारत 2047 और बुनियादी ढांचे पर पर किया मंथन

