गुडग़ांव, नगर निगम व जीएमडीए ने शहर के विभिन्न
क्षेत्रों का विकास कराने का बीड़ा उठाया हुआ है। शहर के आवासीय सैक्टरों
में पार्कों की व्यवस्था भी नगर निगम द्वारा की गई है। हुडा के आवासीय
सैक्टरों स्थित पार्कों की जिम्मेदारी भी नगर निगम के पास ही है। क्योंकि
अधिकांश आवासीय सैक्टरों को नगर निगम को हस्तांतरित किया जा चुका है।
पार्कों के रखरखाव के लिए क्षेत्र की आरडब्ल्यूए को जिम्मेदारी सौंपी गई
थी और इसके लिए पर्याप्त फंड भी उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन आपसी खींचातानी
के चलते यह व्यवस्था भी अधिक सफल नहीं हो सकी है। क्षेत्रवासी समय समय पर
शिकायत करते रहे हैं कि पार्कों में अव्यवस्था तथा गंदगी का बोलबाला है।
इसी क्रम में सैक्टर 29 स्थित लेजरवैली पार्क का निर्माण भी करोड़ों रुपए
की लागत से किया गया था। लेजरवैली पार्क का नाम बदलकर महाराणा प्रताप
स्वर्ण जयंती पार्क भी कर दिया गया था, लेकिन पार्क में अव्यवस्था का
बोलबाला है। इस पार्क में प्रात: व सायं बड़ी संख्या में शहरवासी टहलने
के लिए भी आते हैं। पार्क में जो सुविधाएं होनी चाहिए, उनका नितांत अभाव
है। लोगों का कहना है कि व्यवस्था कब सुधरेगी कहा नहीं जा सकता। नगर निगम
ने पार्क तो अवश्य बना दिया, लेकिन रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा
है, जिससे पार्क में आने-जाने वाले लोग भी खुद को असुरक्षित महसूस करने
लगे हैं, क्योंकि छीनाझपटी व अन्य आपराधिक घटनाएं भी समय-समय पर होती रही
हैं। नगर निगम इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लेजरवैली पार्क एसोसिएशन
के अध्यक्ष नारायण सिंह का कहना है कि इस संबंध में जीएमडीए के
अधिकारियों से संपर्क कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

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