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वर्तमान समय में आंतरिक शक्ति ही सबसे बड़ा संबल : बीके आशा

गुरुग्राम। धार्मिक संस्था ब्रह्माकुमारीज के फाइनेंस फ्रेटरनिटी सेवा प्रभाग द्वारा जिले के बिलासपुर क्षेत्र स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर (ओआरसी) में वित्त क्षेत्र के विशेषज्ञों के लिए 2 दिवसीय स्पिरिचुअल इन्वेस्टमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें 100 से अधिक वरिष्ठ फाइनेंस प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा ने कहा कि तेजी से बदलते और अनिश्चित दौर में हर परिस्थिति के लिए स्वयं को मानसिक रूप से तैयार रखना आवश्यक है। मनुष्य की सबसे अधिक ऊर्जा व्यर्थ सोचने में नष्ट होती है। इस व्यर्थ संकल्पों के बहाव को रोकने के लिए आध्यात्मिक शक्ति की जरूरत है, जो केवल आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाने से ही संभव है। फाइनेंस फ्रेटरनिटी सेवा प्रभाग के उपाध्यक्ष राजयोगी बीके ललित ने कहा कि धन कमाने के साथ-साथ आंतरिक शक्तियों को समृद्ध करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भौतिक संपत्ति यहीं रह जाती है, लेकिन आत्मा के साथ उसके द्वारा अर्जित मूल्य सदा चलते हैं। सच्ची खुशी आत्मिक सशक्तिकरण में निहित है और इसके लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। बचपन से ही जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश होना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्रालय में प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक डॉ. अजय शंकर सिंह ने कहा कि आज के आधुनिक समाज को अध्यात्म की सख्त आवश्यकता है। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को पुन: जागृत करने का उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। आयोजन को आईसीएआई के पूर्व अध्यक्ष अतुल गुप्ता, राष्ट्रीय केमिकल एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के वरिष्ठ वित्त प्रबंधक सीएमए अभय कुमार, सीए बिमल जैन, सीए शरत मोहंती एवं सीए हितेंद्र मेहता ने भी विचार व्यक्त किए। आयोजन को सफल बनाने में संस्था के बीके ललित, बीके यीशू, बीके राजेंद्र आदि का सहयोग रहा।