गुरुग्राम। केरल के त्रिसूर में चल रही श्रमिक संगठन एटक की राष्ट्रीय जनरल काउंसिल की बैठक में एटक हरियाणा के राज्य महासचिव वरिष्ठ श्रमिक नेता अनिल पंवार ने प्रदेश की रिपोर्ट सभी के समक्ष रखी। अनिल पंवार ने कहा कि हरियाणा के 21 जिलों में एटक सक्रिय रुप से काम कर रहा है। गत वर्ष नए सदस्य बनाए गए। संगठन को रिटायर कर्मचारी, सरकारी क्षेत्र के कर्मचारी,निर्माण मजदूर, मनरेगा और औद्योगिक क्षेत्र में हमारा आधार लगातार मजबूती मिली है। उनका कहना है कि हरियाणा सरकार द्वारा घोषित 15221 न्यूनतम वेतन को लागू कराने के लिए संगठन ने धरने किए और श्रमिकों के सामूहिक समझौते भी कराए। सरकारी रिक्त पदों को भरने के लिए आंदोलन किया। महिला संगठन हरियाणा एटक हरियाणा में बढ़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में तो रोजाना कोई ना कोई आंदोलन हो रहे है। प्रदेश में महिला श्रमिकों की स्थिति चिंताजनक है। गारमेंट, ईंट-भट्टा और खेतों में कार्यरत बहनों को न समान वेतन मिलता है न मातृत्व लाभ। एटक ने महिला जागो, हक के लिए लड़ो अभियान चलाकर काफी बहनों को यूनियन से जोड़ा है। उनका कहना है कि श्रम कानूनों के कोड से मजदूरों के अधिकार खत्म किए जा रहे हैं। ठेका प्रथा और हायर-फायर नीति के कारण नौकरी की सुरक्षा खत्म है। सरकार का दमन बढ़ा है, यूनियन गतिविधियों पर रोक लगाई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गांव-गांव, फैक्ट्री-फैक्ट्री जाकर मजदूर को लामबंद किया जाएगा। आगामी वर्ष में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ हम तैयार हैं।
जनरल काउंसिल की बैठक में हरियाणा राज्य महासचिव ने प्रस्तुत की रिपोर्ट

