गुरुग्राम। साहित्यकार व कवियित्री डा. नलिनी भार्गव द्वारा अपने पिता स्व. रामेश्वर प्रसाद भार्गव की स्मृति में सेक्टर-82 क्षेत्र में साहित्य, संवेदना और आत्मीयता से परिपूर्ण साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। शिक्षाविद् अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में एआईआर दिल्ली के पूर्व उपमहानिदेशक व प्रसिद्ध गज़़लकार लक्ष्मीशंकर बाजपेयी शामिल हुए। वरिष्ठ कवि त्रिलोक कौशिक ने कार्यक्रम का संचालन किया। डॉ. नलिनी भार्गव ने ‘माँ धरती तो तुम थे मेरा आसमान, मेरा अभिमान और स्वाभिमान, मेरे मित्र, गुरु और थे मेरी शान, तुमसे ही तो है ‘पा’ मेरी पहचान’ पंक्तियों के माध्यम से पिता के प्रति अपना भाव प्रकट किया। विभिन्न क्षेत्रों से आए विभिन्न कवियों, गज़़लकारों, साहित्यकारों और चिंतकों ने गोष्ठी में सहभागिता की और अपनी बेहतरीन रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर समां बांध दिया। यह आयोजन समाज में पारिवारिक मूल्यों और भाषा के प्रति प्रेम को दर्शाते हुए अत्यंत सफल, गरिमामय एवं यादगार रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दूरदर्शन के पूर्व निर्माता-निर्देशक व साहित्यकार डॉ. अमरनाथ ‘अमर’, वरिष्ठ कवि राजेश्वर वशिष्ठ, अनिल आर्य, ममता किरण, राजेंद्र निगम, इंदु निगम, अशोक बत्रा, शकुंतला मित्तल, सविता स्याल, मीना चौधरी, सुजीत कुमार एवं रानी श्रीवास्तव आदि साहित्यिक हस्तियाँ मौजूद रहीं।
पिता की स्मृति में साहित्यिक गोष्ठी का किया आयोजन

