गुरुग्राम। दिल्ली के लालकिला मैदान में आयोजित जनजाति सांस्कृतिक समागम कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए विभिन्न जनजातियों के वनवासियों का बादशाहपुर स्थित जोधा फार्म पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। इनमें राजस्थान के 7 जनजातिये क्षेत्रों बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, चित्तोड़$गढ़, प्रतापगढ़, बुंदी, भीलवाड़ा के सहरिया ,भील और मीना जनजाति के वनवासी शामिल रहे। वनवासी कल्याण आश्रम हरियाणा के प्रांत अध्यक्ष महेंद्र कुमार नरेश, प्रांतीय प्रचार-प्रसार सचिव संजीव आहूजा व जिला संयोजक जगदीश कुकरेजा ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति के संवाहक जनजातीय समाज की आस्था, संस्कृति और परम्परा की रक्षा तथा जन जागृति के उद्देश्य से धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती वर्ष के पावन अवसर पर देश भर का जनजाति समाज एकत्र हुआ। राजस्थान से आये जनजातिये समूह की अगुवाई कर रहे राधेश्याम भील ने बताया कि राजस्थान से 11 हजार से आधी वनवासी जो अब राजस्थान के विभिन गावों में रह रहे है दिल्ली कार्यक्रम में पहुँचे। उन्होंने बताया कि बसों द्वारा जनजाति समाज के बंधु भगिनी समागम में भाग लेने हेतु 23 मई की देर रात्रि से ही आने शुरू हो गए थे। जिनका यहाँ पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। उनका कहना था कि जनजातीय बन्धुओं से मिलकर आनंद की जो अनुभूति हुई उसका वर्णन नही किया जा सकता है। जोधा फार्म में जनजातीय बन्धुओं के लिए पूर्ण व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि सहरिया जनजाति द्वारा विश्व प्रसिद्ध गैर नृत्य एवं गरासिया बंधुओं का भी आना हुआ। जनजातीय बन्धुओं का स्वागत करने के लिए विधायक तेजपाल तंवर, गुरुग्राम मेयर के पति तिलक राज मल्होत्रा, पार्षद अमित भड़ाना, डॉ अशोक दिवाकर, आरएसएस प्रान्त सेवा प्रमुख हरीश कुमार, महानगर संघ चालक जगदीश ग्रोवर, विभाग प्रचार प्रमुख अनिल कश्यप, प्रान्त प्रचार प्रमुख संजीव आहूजा, विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष सुरेंद्र तंवर, कोषाध्यक्ष अशोक शर्मा, अध्यक्ष गुरुग्राम कृष्ण वर्मा आदि कार्यकर्ता पहुंचे।
गुरुग्राम में हुआ राजस्थान से आए वनवासियो का गर्मजोशी के साथ स्वागत

