गुडग़ांव, देवउठनी यानि कि देवोत्थान एकादशी 15 नवम्बर
से विवाह-समारोह का आयोजन होना शुरु हो गया है। कोरोना महामारी के बाद यह
सबसे बड़ा वैवाहिक आयोजन है। जिन लोगों ने कोरोना काल में शादियां स्थगित
कर दी थी, अब वे भी शादियों के इस सीजन में शादियां कर रहे हैं।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस बार नवम्बर-दिसम्बर माह में शादियों के
मुहूर्त कम हैं और शादी करने वाले अधिक बताए जा रहे हैं। यह वर्ष पिछले
कई वर्षों से मुहूर्त के हिसाब से अलग है। गुडग़ांव के लगभग सभी बैंकट
हॉल, फार्म हाउस, आयोजन स्थल पहले से ही शादियों के लिए बुक हो चुके हैं।
कुछ आयोजन स्थलों में तो एक दिन में ही 2-2, 3-3 शादियां हो रही हैं।
उनका कहना है कि नवम्बर-दिसम्बर के माह में अब केवल 9 ही शुभ मुहूर्त बचे
हैं। नवम्बर में अगला शुभ मुहूर्त 28, 29 व 30 नवम्बर को है। दिसम्बर माह
में कुल 6 शुभ मुहूर्त ही हैं। इनमें 1, 2, 6, 7, 11 और 13 दिसम्बर की
तारीखें शामिल हैं। इन शुभ मुहूर्तों में बैंकट हॉल, घोड़ी, फूल,
कैटरिंग, टैंट आदि वालों की मांग बढ़ गई है। शादी के सीजन में इनको कई-कई
शिफ्टों में अपनी सेवाएं देनी पड़ रही हैं। उधर शादी करने वालों का भी
कहना है कि इस वर्ष गत वर्षों की अपेक्षा महंगाई की मार भी शादी-विवाह के
आयोजनों पर पड़ती दिखाई दे रही है। सभी चीजों के दाम बढ़े हुए हैं। जिला
प्रशासन व संबंधित विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। शादी का बजट
लाखों में बढ़ चुका है। लोगों ने शादी के कार्ड छपवा कर बांटने की
प्रक्रिया को भी बंद कर दिया है। अब वाट्सअप के माध्यम से ही कार्ड भेजे
जा रहे हैं। लोगों ने तो सोशल मीडिया का पूरा लाभ उठाते हुए वर्चुअल
कार्ड भी बनवाने शुरु किए हुए हैं। यह वर्चुअल कार्ड एक शॉर्ट एनीमेशन
वीडियों की भांति होते हैं, जिसमें पूरा विवरण व साउंट आदि रहता है।
वर्चुअल कार्ड 1500 से 5 हजार रुपए तक के डिजाईन हो रहे बताए जाते हैं।
बैंकट हॉल संचालकों ने भी कोरोना काल में ठप्प हुए कारोबार से उबरने के
लिए जी-जान से मेहनत की हुई है, ताकि वे कारोबार को फिर से पटरी पर ला
सकें।

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