गुरुग्राम। गंगा दशहरा प्रमुख पर्व माना जाता है। सोमवार को देश के विभिन्न क्षेत्रों में गंगा दशहरा की धूम रही। साईबर सिटी में भी गंगा दशहरा का धूमधाम से आयोजन किया गया। साईबर सिटी से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दशहरा के अवसर पर पवित्र नदी गंगा में डुबकी लगाने के लिए हरिद्वार, गढमुक्तेश्वर व प्रयागराज पहुंचे। सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं व धर्मप्रेमियों ने सूरत नगर, राजेंद्रा पार्क, शिवाजी नगर, राज नगर, खांडसा रोड, बसई रोड़, प्रताप नगर, मदनपुरी, ज्योति पार्क, ओल्ड व न्यू रोड आदि क्षेत्रों में शीतल व मीठे जल की छबीलें भी लगाई और आने-जाने वाले राहगीरों को शीतल जल का सेवन कराकर पुण्य भी कमाया। राजेंद्रा पार्क व सूरत नगर के समाजसेवियों ने दोनों क्षेत्रों में शीतल व मीठे शरबत की छबील लगाकर आने-जाने वाले लोगों को शरबत पिलाकर गर्मी के मौसम में उनका गला तर कराया। इस आयोजन में क्षेत्रवासियों का बड़ा सहयोग रहा। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भागीरथ ने अपनी कठिन तपस्या से मां गंगा को धरती पर आने के लिए विवश कर दिया था, जिसके बाद वह भगवान शिव की मदद से ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तिथि को धरती पर अवतरित हुईं थीं। तभी से हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का त्योहार मनाया जाने लगा। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान और दान-पुण्य का बड़ा विशेष महत्व है। मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना कर श्रद्धालु गंगा नदी में डुबकी लगाते हैं। कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य के 10 पापों का नाश होता है। इसी कारण से इसका नाम गंगा दशहरा रखा गया। शहर के विभिन्न मंदिरों में भी श्रद्धालुओं द्वारा कई धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए। हरिद्वार में हर की पौड़ी में स्नान करने का विशेष महत्व बताया जाता है। गंगा दशहरा के दिन हर की पौड़ी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। गंगा दशहरा के दिन मां गंगा की आराधना करने से जहां श्रद्धालुओं को पापों से मुक्ति मिलती है, वहीं मुक्ति मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।
मीठे जल की छबीलें लगाकर राहगीरों का गला किया तर

