गुरुग्राम।दीपावली से संबंधित पांचों पर्वों पर फूलों का विशेष महत्व होता है। धनतेरस हो या फिर छोटी दीपावली, बड़ी दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज व विश्वकर्मा पूजा में फूलों की मांग बहुत अधिक बढ़ जाती है। जिले के साथ लगते फर्रुखनगर, पटौदी, हेलीमंडी आदि क्षेत्रों में फूलों की खेती बड़े स्तर पर की जाती है। किसान इन पर्वों का काफी बेसब्री से इंतजार करते हैं। क्योंकि इन्हीं पर्वों पर वे अपने फूलों को शहर में ले जाकर उनकी बिक्री करते हैं। शहर के महावीर चौक, सैक्टर 4/7 चौक, न्यू कालोनी मोड़, भूतेश्वर मंदिर, डीएलएफ, साऊथ सिटी, पालम विहार आदि दर्जनों क्षेत्रों में फूलों की बिक्री होती दिखाई दी। सामान्य रुप से आम दिनों में गेंदे के फूलों की बिक्री 50 से 60 रुपए प्रतिकिलो होती रही है, लेकिन त्यौहारों पर गेंदे के फूलों की दरों में भी भारी वृद्धि होती दिखाई दी। 200 रुपए से 250 रुपए प्रतिकिलो की दर से गेंदे के फूलों की बिक्री हो रही है। गुलाब की कीमत भी 600 रुपए प्रतिकिलो बताई जा रही है। खरीददारों का उत्साह कम नहीं हुआ। फूलों की वृद्धि भी लोगों की धार्मिक भावनाओं को नहीं रोक सकी। फूल उत्पादकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई का असर फूलों की खेती पर भी पड़ा है। अब लागत पहले की अपेक्षा दोगुनी हो गई है। महंगे फूल बेचना उनकी मजबूरी बन गई है।
महंगाई का असर फूलों पर भी, गेंदे के फूल की कीमतों में भारी वृद्धि

