गुरुग्राम। सेक्टर-9 की सडक़ की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। बरसाती पानी की निकासी के नाम पर खोदी गई सडक़ का काम पिछले 3 महीनों से अधर में लटका हुआ है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बिना किसी सेफ्टी साइन या बैरिकेड के बड़े-बड़े खुले गड्ढे मौत को दावत दे रहे हैं, जिससे आए दिन सडक़ हादसे हो रहे हैं। यह इलाका शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में आता है। यह सडक़ सरकारी अस्पताल के सामने से होते हुए सेक्टर-9 को जोड़ती है और साथ ही मुख्य रूप से सरकारी अस्पताल से ईएसआई अस्पताल को आपस में मिलाती है। इस महत्वपूर्ण मार्ग से रोजाना सैकड़ों एम्बुलेंस मरीजों को लेकर गुजरती हैं, लेकिन सडक़ों के गड्ढों और कीचड़ के कारण मरीजों और चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि स्थानीय निवासी अब जरूरी सामान खरीदने के लिए मार्केट आने तक को तरस गए हैं। आरडब्ल्यूए सेक्टर-9 हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सचिव सत्य प्रताप शर्मा, दीपक गिल, रिचा आदि का कहना है कि सडक़ की इस हालत के कारण रोजाना आने-जाने में भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। टूटी सडक़ पर घूमते आवारा जानवर बड़े हादसों को खुला बुलावा दे रहे हैं। सत्य प्रताप शर्मा ने कहा कि सडक़ निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती जा रही है। आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि केवल सेक्टर-9 ही नहीं, बल्कि पूरी बसाई रोड भी पूरी तरह टूटी हुई है, जिस पर आज तक पैचवर्क तक नहीं करवाया जा सका है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से आग्रह किया है कि जनता की इस गंभीर समस्या का संज्ञान लिया जाए। सडक़ के अधूरे पड़े काम को जल्द से जल्द पूरा करवाकर इसका दुरुस्तीकरण किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे को होने से रोका जा सके और नागरिकों को राहत मिल सके।
बदहाल सडक़ और खुले गड्ढे बने जी का जंजाल

