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चलाया नशामुक्ति अभियान के तहत छात्रों व शिक्षकों को दिलाई नशे से दूर रहने की शपथ


गुडग़ांव,: युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से जागरुक करने के लिए विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा अभियान चलाए जा रहे हैं। ये संस्थाएं स्कूलों, कॉलेजों व औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को जागरुक कर रहे हैं। इसी क्रम में राजेंद्र पार्क स्थित आईपीएस स्कूल और विष्णु गार्डन स्थित संस्कार भारती पब्लिक स्कूल में धार्मिक संस्था ब्रह्माकुमारीज के सेक्टर-4 स्थित सेवा केंद्र द्वारा नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और उन्हें एक स्वस्थ व व्यसनमुक्त जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रमों के दौरान दोनों स्कूलों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों को नशा न करने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। मुख्य वक्ता बीके सोनिया ने कहा कि आज के समय में नशा समाज के लिए एक गंभीर बीमारी बन चुका है। युवा अनजाने में या संगति के प्रभाव में आकर नशे की ओर बढ़ जाते हैं, जो बाद में उनके भविष्य को अंधकारमय बना देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा कि नशा न केवल शरीर को खोखला करता है, बल्कि व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता और मानसिक संतुलन को भी पूरी तरह नष्ट कर देता है। बीके अंजलि ने छात्रों को आत्म-नियंत्रण और सकारात्मक सोच का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि राजयोग और ध्यान के माध्यम से मन को मजबूत बनाकर किसी भी प्रकार की बुरी लत से आसानी से बचा जा सकता है। मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति कभी भी नशे जैसे घातक रास्तों का चुनाव नहीं करता। सुधा शर्मा, उषा जैन, पुरुषोत्तम, श्याम भारद्वाज और नीलम भारद्वाज—ने छात्रों को नशे से होने वाले शारीरिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान की विस्तृत जानकारी दी और आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को पढ़ाई, खेलकूद, कला और रचनात्मक कार्यों में लगाएं।