गुरुग्राम। शहर में आस्था और संकल्प का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। अवसर था गौसम्मान दिवस विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पूरे उत्साह के साथ मनाया। शहर की सडक़ों पर उमड़े गौभक्तों के जनसैलाब ने एक स्वर में केंद्र सरकार से मांग की कि गौ माता को अब राष्ट्र माता का गौरवपूर्ण दर्जा दिया जाए व गौ हत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगे। प्रदर्शन में सान्निध्य स्वामी जगदीश गोपाल महाराज का रहा, जबकि नेतृत्व नंदि महाराज व गोमाता का रहा। इस दौरान पूरा गुरुग्राम शहर गौ माता की जय और जब तक सूरज चांद रहेगा, गौ माता का नाम रहेगा जैसे जयकारों से गुंजायमान रहा। इस दौरान भारी तादात में एकत्रित हुए गौभक्तों ने शहर में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, हरियाणा के राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा तथा गौ हत्या पूर्ण रूप से बंद हो तथा गौमाता को राष्ट्रीय माता मिले, की मांग उठाई। गौरतलब होगा कि यह प्रदर्शन सोमवार को देश भर की 5 हजार चार सौ 35 तहसील पर आयोजित किया गया ।इस मौके पर श्रीमहंत महाराज ने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आत्मा है। हमारे शास्त्रों में वर्णित 33 कोटि देवी-देवताओं का वास गौ माता में है। आज समय आ गया है कि हम अपनी आस्था को संवैधानिक सम्मान दिलाएं। भाजपा सरकार को करोड़ों देशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए अविलंब गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना चाहिए तथा गौ हत्या पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए। यह कदम भारत को पुन: विश्व गुरु बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर गौभक्त हरीश गुप्ता,बलजीत यादव, राकेश कौशिक,कुलभुषन भारद्वाज, यशवंत शेखावत, चमन खटाना , उदय प्रकाश, राज कुमार राव, हीरालाल, संजीव त्यागी, आशीष शर्मा,शम्मी अहलावत, परषोतम सोनी, नत्थू सिंह सरपंच ,औम प्रकाश जी , सुनील कुमार वज़ीराबाद व हज़ारों की संख्या में शामिल होने वाले गौभक्त ।आज का यह प्रदर्शन और ज्ञापन सरकार को यह याद दिलाने के लिए है कि गौभक्त अब रुकने वाले नहीं हैं। हमने प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा है और हमारी मांग स्पष्ट है कि जब तक गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा नहीं मिलता तथा गौ हत्या पर प्रतिबंध नहीं लगता, हमारा यह वैचारिक और शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत की कृषि और अर्थव्यवस्था की धुरी गौवंश ही रहा है। राष्ट्र माता घोषित होने से गौ संरक्षण के कड़े कानून और बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार होगा।
गोवंश भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की आत्मा है : पूरन यादव लोहचब

