गुडग़ांव। भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए देशवासी ही नहीं, अपितु देशवासी जुटे हैं। हर समुदाय के लोग भारत को विश्वगुरु बनते देखना चाहते हैं। इसी क्रम में तहरीक अमन ए हिद समिति की ओर से एक शाम भारत को विश्व गुरु बनाने के नाम कार्यक्रम का आयेाजन किया गया। समिति के अध्यक्ष अमीन पठान का कहना है कि मुस्लिम समाज द्वारा भारत को विश्व गुरु बनाने के पथ पर अग्रसर करने के लिए ही इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुस्लिम समाज किस प्रकार से देश की तरक्की में ज्यादा से ज्यादा योगदान दे सकता है, इस कार्यक्रम का यही उद्देश्य था।
कार्यक्रम में सभी धर्मों के धर्मगुरु, मुस्लिम स्कॉलर व युवा आदि भी बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। वसुधैव कुटुम्बकम कार्यक्रम की भावना को इस कार्यक्रम के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए मानवता का संदेश भी इस कार्यक्रम में दिया गया। उन्होंने बताया कि कला प्रदर्शनी व डाक्यूमेंटी फिल्मों के माध्यम से ही हिंदू मुस्लिम भाईचारा का संदेश दिया गया। उनका कहना है कि भारत में सांप्रदायिक सद्भाव के प्रमुख संदेश को मजबूत करने के लिए स्किट, डॉक्यूमेंट्री फिल्मों और कला प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया गया। भारत राम, बुद्ध, नानक, चिश्ती और मदर टरेसेा की भूमि है। देश को आजाद कराने वाले क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद और अशफाकउल्ला खान के बीच गहरी दोस्ती थी, जिससे इंकार नहीं किया जा सकता। इस कार्यक्रम में अंजुमन सैयद जादगान, सैयद गुलाम, स्वामी चौतन्य पुरी महाराज, अजय योगी महाराज, सैयद नसीरउद्दीन साहब, डा. योगी दुष्यंत व्यास, सरदार अजय पाल आदि धर्म गुरु भी शामिल हुए।
सभी ने कहा कि भारतीयों ने यह बार-बार साबित किया है कि मतभेद उन्हें कभी भी बांट नहीं सकते और मुश्किलें उन्हें डिगा नहीं सकती। सभी ने कहा कि भारत को विश्व मानचित्र पर विश्व गुरु के रुप में स्थापित करने में सहयेाग करे। सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया।


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