गुरुग्राम। साईबर सिटी सहित दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या अब आम जनता के जी का जंजाल बन चुकी है। घंटों जाम में रेंगती गाडिय़ाँ न सिर्फ लोगों का कीमती वक्त बर्बाद कर रही हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और लोगों के स्वास्थ्य पर भी सीधा प्रहार कर रही हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे के रास्ते गुरुग्राम से दिल्ली महिपालपुर तक का सफर तो महज 20 मिनट में तय हो जाता है, लेकिन महिपालपुर से इंडिया गेट तक की चंद किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को लगभग दो घंटे का समय लग रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि लाखों-लाख लोगों का जीवन इस भयंकर प्रदूषण और जाम के कारण दूभर हो चुका है। समाजसेवी आरपी सिंह चौहान का कहना है कि दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम में भी जाम की स्थिति बेहद विकराल है। यहाँ जाम लगने का सबसे मुख्य कारण सडक़ों पर पसरा नाजायज अतिक्रमण है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गुरुग्राम प्रशासन इस गंभीर समस्या पर आँख बंद करके सोया हुआ है। हर रोज जाम में फंसी गाडिय़ों के कारण हजारों लीटर ईंधन बर्बाद हो रहा है। लोग अपने जीवन का सबसे उपयोगी समय सडक़ों पर खड़े-खड़े बर्बाद करने को मजबूर हैं, वहीं खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका प्रदूषण उनके स्वास्थ्य को गंभीर रूप से बीमार कर रहा है। इस जाम की समस्या के समाधान के लिए सरकार व प्रशासन को कदम उठाने चाहिए। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सामाजिक संगठनों को भी आगे आना होगा और सरकार व प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करना होगा। जब तक जन-भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक सडक़ों को इस ग्रहण से मुक्त कराना नामुमकिन है।
एनसीआर में जाम बना सिरदर्द, 20 मिनट का सफर पूरा करने में लगे 2 घंटे

