गुरुग्राम। साईबरसिटी के तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। भीषण गर्मी से हर कोई आहत है। दिन-प्रतिदिन साईबर सिटी का तापमान बढ़ता ही जा रहा है। साईबर सिटीवासियो को पसीने वाली गर्मी का सामना भी करना पड़ रहा है। बढ़ती गर्मी व धूल भरी हवाओं ने भी लोगों को परेशान कर रखा है। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा। भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए पेयजल के साथ-साथ इन दिनों जूस आदि की मांग भी काफी बढ़ गई है। जिला अदालत के आस-पास व शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रेहडियों पर गन्ने व बेल का जूस, कुल्फी, आईस क्रीम आदि की बिक्री की जा रही है। यदि सफाई का ध्यान न रखा जाए तो इन पेय पदार्थों का सेवन करने से कई बीमारियों का शिकार भी लोग हो सकते हैं। 20 से 50 रुपए तक इस प्रकार के जूस आदि बेचे जा रहे हैं। जिनका सेवन करने से लोगों को थोड़ी राहत तो अवश्य मिल रही है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि ये दुकानदार कई बार घंटों पहले निकाला गया जूस ही लोगों को परोस देते हैं। इस प्रकार के जूस से लोगों को राहत कम व परेशानियां अधिक आ सकती हैं। इस क्षेत्र में जानकारी रखने वालों का कहना है कि गर्मी से बचने के लिए ठंडे पदार्थों का सेवन करना स्वभाविक है। यदि सफाई नहीं रखी जाए तो डायरिया, गले में खराश आदि बीमारियों का शिकार होने में कतई भी देर नहीं लगेगी। चिकित्सकों का भी कहना है कि गर्मी से बचाव के लिए जूस का सेवन अवश्य करें, लेकिन उसकी गुणवत्ता पर भी ध्यान अवश्य दें। यह बेहतर होगा कि घर में ही फलों का ताजा रस निकाला जाए और उसका सेवन किया जाए। जूस के मुकाबले नारियल पानी अधिक लाभकारी होता है। उधर खाद्य व स्वास्थ्य विभाग को भी चाहिए कि जूस विक्रेताओं के यहां भी जांच की जाए और यह ध्यान रखा जाए कि वे रासायनिक पदार्थों आदि का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं।
भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए जूस का इस्तेमाल करें जरुर, लेकिन रखें गुणवत्ता का ध्यान

