गुरुग्राम। जिले के औद्योगिक क्षेत्र आईएमटी मानेसर में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर अस्थायी श्रमिकों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए श्रमिकों की रिहाई के लिए श्रमिक संगठन ट्रेड यूनियन काउंसिल (टीयूसी) के प्रतिनिधियायों ने जिला, पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। श्रमिक संगठन एटक के राज्य महासचिव कामरेड अनिल पंवार ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि प्रदेश में 23 हजार 196 रूपए न्यूनतम वेतन दिया जाए और नोटिफिकेशन जारी किया जाए, मानेसर व गुरुग्राम में धारा 163 हटाई जाए, मजदूरों पर पुलिस दमन तुरंत बंद हो, गिरफ्तार मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए, घायल मजदूरों का उपचार कराया जाए, मजदूरों के लिए सरकारी रेट पर एलपीजी गैस की व्यवस्था कराई जाए, ओवर टाईम कार्य का मजदूरों को डबल वेतन दिलाना सुनिश्चित किया जाए, मजदूरों की सभी मांगो का निपटारा किया जाए, लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाए। संगठन के प्रतिनिधियों ने जिला, पुलिस व श्रम विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया कि यदि औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक शांति स्थापित करनी है तो श्रमिकों की मांगों को कम से कम समय में पूरा करना चाहिए। श्रमिकों की रिहाई कर, पुलिस हस्तक्षेप बंद करना होगा। उनका कहना है कि सरकार व प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए लोकतांत्रितक रुप से शांतिपूर्वक आंदोलन ही एक माध्यम है, जोकि सवैंधानिक रुप से सही है। श्रमिकों के अधिकारों को दबाना लगत है। गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई की मांग को लेकर श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि मानेसर के सैक्टर थाने में मौजूद रहे। मुलाकात करने वालों में श्रमिक नेता जयभगवान, सतवीर सिंह, विनोद कुमार, श्रवण कुमार गुप्ता, वजीर कुमार, जसपाल राणा, मुकेश शर्मा, एसएन दहिया, ऊषा सरोहा, शिव कुमार, पिंटू यादव आदि मौजूद रहे।
मजदूरों की रिहाई के लिए श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि मिले अधिकारियों से, सौंपा ज्ञापन

