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61वें वर्ष में और भव्य होगी श्री दुर्गा रामलीला

गुरुग्राम। शहर में रामलीलाओं की तैयारियों में रामलीला कमेटियां जुट गई हैं और कलाकारों की रिहर्सल भी निरंतर जारी है। इसी क्रम में जैकबपुरा की श्री दुर्गा रामलीला कमेटी ने भी रामलीला मैदान में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच भूमि पूजन किया। के साथ ही भव्य मंच निर्माण का कार्य शुरू हो गया। इस अवसर पर कमेटी के पदाधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कमेटी के प्रधान लवली सलूजा ने बताया कि श्री दुर्गा रामलीला इस वर्ष अपने 61वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार रामलीला को पहले से अधिक भव्य और दिव्य बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार मंच को भी विशाल और आकर्षक रूप दिया जाएगा तथा रामलीला का मंचन नई भव्यता और आधुनिक तकनीक के साथ किया जाएगा। कमेटी का प्रयास है कि इस वर्ष दर्शकों को कुछ नया और अलग देखने को मिले। रामलीला को अलग अंदाज, अलग साज और सिनेमेटिक प्रस्तुति के साथ दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। अत्याधुनिक लाइटिंग, एलईडी स्क्रीन, भव्य सेट और दमदार साउंड सिस्टम के माध्यम से दर्शकों को त्रेतायुग की अनुभूति कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार रामलीला में स्थानीय प्रतिभाओं के साथ प्रोफेशनल कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। मुख्य किरदारों में स्थानीय और प्रोफेशनल कलाकारों की यह जुगलबंदी मंचन को और प्रभावशाली बनाएगी। सभी कलाकार पिछले करीब एक महीने से दिन-रात रिहर्सल में जुटे हुए हैं और देर रात तक अभ्यास किया जा रहा है, ताकि मंचन में किसी प्रकार की कमी न रहे। रामलीला के मीडिया प्रभारी राज सैनी बिसरवाल ने बताया कि इस बार की रामलीला में तकनीक और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। एक ओर पारंपरिक संवाद, भजन और धार्मिक प्रसंग होंगे, वहीं दूसरी ओर सिनेमेटिक दृश्य, विशेष लाइटिंग और धुएं के प्रभाव के माध्यम से समुद्र मंथन, लंका दहन और रावण वध जैसे प्रसंगों को अधिक जीवंत और प्रभावशाली बनाने का प्रयास किया जाएगा। कमेटी के प्रबंधन, संरक्षक, सदस्यों ने बताया कि रामलीला के दौरान सुरक्षा और दर्शकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के बैठने के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। साथ ही पूरे रामलीला परिसर में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी। लवली सलूजा ने शहरवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में रामलीला मैदान पहुंचकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और संस्कारों का दर्शन करें तथा श्री दुर्गा रामलीला को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल एक नाटक नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और संस्कारों का जीवंत प्रतीक है।