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सीटू नेताओं के घर मानेसर पुलिस द्वारा  की गई घेराबंदी है निंदनीय : टीयूसी

गुरुग्राम। सीटू नेताओं के रोहतक स्थित आवास पर मानेसर पुलिस द्वारा की घेराबंदी की कार्यवाही को ट्रेड यूनियन काउंसिल (टीयूसी) ने गलत करार देते हुए इस कार्यवाही को लोकतांत्रिक अधिकारों और ट्रेड यूनियन अधिकारों पर हमला बताया है। टीयूसी के संयोजक कामरेड अनिल पंवार ने कहा कि धरना, प्रदर्शन व मांगों को लेकर आंदोलन करना संवैधानिक अधिकार है। कही भी औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक आंदोलन की आवाज उठाने ओर समर्थन करना ट्रेड यूनियनों का अधिकार है। सरकार की यह भेदभावपूर्ण कार्यवाही गलत है, श्रमिकों व श्रमिक नेताओं की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार, श्रम विभाग व प्रशासन को चाहिए कि वह सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन श्रमिकों को मिला है या नहीं, इसकी जांच करे। जो औद्योगिक प्रतिष्ठान अप्रैल माह में न्यूनतम वेतन वृद्धि नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए। लेकिन प्रशासन इस ओर कार्यवाही करने की बजाय श्रमिकों व श्रमिक नेताओं को भी परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि श्रमिकों व श्रमिक नेताओं पर की जा रही कार्यवाही को रोका नहीं गया तो औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक अशांति फैल सकती है, जिसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की ही होगी। श्रमिक नेताओं अमित यादव, एसएन दहिया, वीएस यादव, श्रवण कुमार गुप्ता, बलवीर कंबोज, शिव कुमार, वजीर कुमार, ऊषा सरोहा, सुरेश नोहरा, अनिता यादव, कुलदीप सिंह, सतीश खटकड़, जसपाल राणा, मुकेश शर्मा आदि ने पुलिस की कार्यवाही को प्रताडि़त करने वाला करार दिया है और मंाग की है कि इस कार्यवाही की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच हो ओर दोषी अधिकारियों पर तुरंत कार्यवाही कर सस्पेंड किया जाए।