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लॉकडाउन की अवधि बढ़ जाने पर जिला प्रशासन को करना पड़ेगा और अधिक ऊर्जा से कार्य लॉकडाउन में सुनसान पड़ी सडक़ें, लापरवाह लोगों पर प्रशासन का कसता जा रहा है शिकंजा

गुडग़ांव, वैश्विक कोरोना वायरस के प्रकोप से
देशवासियों को बचाने के लिए समूचे देश में लॉकडाउन की घोषणा की हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किए गए 21 दिन के लॉकडाउन का
मंगलवार को आखिरी दिन था। प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन के आखिरी दिन मंगलवार
की प्रात: देश में आगामी 3 मई तक लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की घोषणा कर दी
है और देशवासियों से इसे सफल बनाने के लिए सहयोग का आग्रह भी किया है।
गुडग़ांव में लॉकडाउन का गुडग़ांववासी कुछ मामलों को छोडक़र पूरा पालन करते
दिखाई दे रहे हैं। बहाना बनाकर सडक़ों पर निकलने वाले लोगों से
पुलिसकर्मियों ने सख्ती से निपटना शुरु किया हुआ है। हालांकि शहर की सभी
मुख्य सडक़ें अधिकांशत: वीरान ही दिखाई देती हैं। इक्का-दुक्का वाहन ही
चलते दिखाई देते हैं। उनके चालकों से भी पुलिस पूरी तहकीकात करती है कि
वे कहां और क्यों जा रहे हैं। लॉकडाउन की अवधि 19 दिन बढ़ाने के आदेश से
जिला प्रशासन की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। जिला प्रशासन भी और अधिक
ऊर्जा से लॉकडाउन का पालन कराने में जुट गया प्रतीत होता है। जिले के जिन
9 आवासीय क्षेत्रों को कोरोना पीडि़त मिलने के कारण सील किया हुआ है,
उनमें सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन विशेष नजर रखे हुए हैं। इन क्षेत्रों
में बेरिकेटस लगाकर आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। सील किए
हुए आवासीय क्षेत्रों में किसी को भी नहीं जाने दिया जा रहा है।
स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए जुटे हुए हैं।
जिला प्रशासन शहरवासियों व ग्रामीणों से आग्रह कर रहा है कि वे स्वास्थ्य
लाभ घरों में ही रहकर करें। सडक़ों पर बेवजह न निकलें, अन्यथा प्रशासन को
उनसे सख्ती से निपटने पर मजबूर होना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने ऐसे लापरवाह
लोगों जहां जुर्माना लगाकर वाहन इंपाउण्ड किए हैं, वहीं उनके खिलाफ मामले
भी दर्ज किए गए हैं। शहर की विभिन्न कालोनियों में पुलिस के राइडर्स
दिन-रात गश्त लगा रहे हैं और लेागों से आग्रह भी कर रहे हैं कि वे बिना
काम के अपने घरों से न निकलें।

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