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मौलाहेरा गांव में लगा कचरे का अंबार, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

गुरुग्राम। साइबर सिटी गुरुग्राम का मौलाहेरा गांव (वार्ड नंबर-3) इन दिनों गंभीर प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली का शिकार बना हुआ है। गांव में शिव मंदिर के पीछे खाली पड़ी जमीन को नगर निगम द्वारा अघोषित डंपिंग जोन बना दिया गया है। पूरे गांव का कचरा एक ही जगह डाले जाने से उठती भयंकर दुर्गंध और पनप रही बीमारियों के कारण स्थानीय निवासियों का जीना दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ वार्ड-3 के मौलाहेरा गांव की यह तस्वीर शासन और प्रशासन के तमाम दावों की कलई खोल रही है। निवासियों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद प्रतिनिधि पूरी तरह निष्क्रिय और बेखबर बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से ही शहर बनते हैं, लेकिन गुरुग्राम में गांवों की स्थिति बद से बदतर कर दी गई है। मंदिर के ठीक पीछे कचरे का ढेर लगाना धार्मिक आस्था के साथ-साथ जनस्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस डंपिंग जोन और कचरे की समस्या को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। कोई भी जिम्मेदार अधिकारी स्थिति का जायजा लेने या कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि यदि नगर निगम ने जल्द से जल्द मंदिर के पीछे से कचरा हटाकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की, तो पूरा गांव एकजुट होकर प्रदर्शन करने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। स्थानीय लोगों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री और नगर निगम कमिश्नर से इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है, ताकि मौलाहेरा गांव को इस नरकीय स्थिति से निजात मिल सके और सफाई कार्य तत्काल शुरू कराया जा सके।