गुरुग्राम।किसानों को मिट्टी की सेहत के प्रति जागरूक करने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के गांव शिकोहपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जिले के गांव माकडोला, चंदू और साढराणा में खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें 60 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने बढ़-चढक़र भाग लिया। कृषि विशेषज्ञ डॉ. हरेंद्र सिंह दहिया ने किसानों को मृदा परीक्षण के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि मिट्टी की जांच के आधार पर ही नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित और सही मात्रा में प्रयोग किया जाना चाहिए। इससे न केवल फसलों की पैदावार बढ़ती है, बल्कि मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है। डॉ. भरत सिंह ने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन की उन्नत तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ाने और बेहतर उत्पादन के लिए अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने मिट्टी की उर्वरा शक्ति को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने के लिए हरी खाद के इस्तेमाल की भी सलाह दी। उन्होंने किसानों को धीरे-धीरे रासायनिक खेती कम करते हुए प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान किया। जैविक कीटनाशकों और पर्यावरण के अनुकूल सुरक्षित रासायनिक कीटनाशकों की केवल अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करने की बात कही। कृृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी रामपाल ने विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए खेत बचाओ अभियान का हुआ आयोजन

