गुरुग्राम।ऑटो मोबाइल क्षेत्र की अग्रणी मारुति सुजूकी ने स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम को बेहतर बनाने के लिए बायोगैस क्षमता का विस्तार करते हुए 2 बायोगैस प्रोजेक्ट की घोषणा की है। कंपनी अपने खरखौदा फैसिलिटी में 10 टन प्रति दिन (टीपीडी) की क्षमता वाला एक नया बायोगैस प्लांट स्थापित करेगी, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 के भीतर शुरू किया जाएगा। दूसरी पहल के रूप में, मारुति सुज़ुकी ने अपने मानेसर फैसिलिटी में स्थित बायोगैस प्लांट की क्षमता को 0.2 टीपीडी से बढ़ाकर 0.7 टीपीडी कर दिया है। मारुति सुज़ुकी इन दोनों परियोजनाओं में 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जो अपने परिचालन में रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस को शामिल करने के कंपनी के लॉन्ग-टर्म विजऩ को दर्शाता है। कंपनी की ये बायोगैस पहल सरकार के व्यापक वेस्ट-टू-वेल्थ मिशन के अनुरूप हैं। मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउचि का कहना है कि खरखौदा प्लांट में 10 टीपीडी का यह बायोगैस प्लांट वर्तमान चालू वित्तीय वर्ष के भीतर शुरू होने की उम्मीद है। पूरी क्षमता पर यह 9,490 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा। प्लांट की क्षमता को पहले के 0.2 टीपीडी से बढ़ाकर 0.7 टीपीडी कर दिया गया है। इस प्लांट से सालाना लगभग 3.6 लाख स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर बायोगैस उत्पन्न होने की उम्मीद है, जिससे प्रति वर्ष अनुमानित 664 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से बचा जा सकेगा। मारुति सुज़ुकी की योजना वित्त वर्ष 2030-31 तक हरित ऊर्जा पहलों के लिए 925 करोड़ रुपये निवेश करने की है।
मारुति सुज़ुकी ने बायोगैस क्षमता का किया विस्तार

