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पंडित अतुल शास्त्री जी ने सुनाया सती देवी के प्राकट्य व कठोर तप का प्रसंग

गुरुग्राम। सेक्टर-4 स्थित श्री कृष्ण मंदिर में आयोजित श्रीमद् शिव पुराण कथा के दौरान श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। कथा के दौरान व्यासपीठ से  पंडित अतुल शास्त्री ने सती देवी के प्राकट्य और उनके द्वारा भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए की गई कठोर तपस्या के प्रसंग का बड़ा ही मनमोहक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। कथा का सजीव वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पांडाल भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कथा व्यास पंडित अतुल शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बताया कि देवी सती ने भगवान शिव को अपने पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर एवं कठोर तपस्या की थी। उनकी निश्छल भक्ति, अटूट श्रद्धा और तपस्या से प्रसन्न होकर देवों के देव महादेव ने उन्हें दिव्य दर्शन दिए। जब देवी सती ने भगवान शिव से उन्हें पति रूप में प्राप्त करने का वरदान मांगा, तो भोलेनाथ ने उनकी सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर उनकी मनोकामना पूर्ण की, जिसके उपरांत दोनों का दिव्य विवाह संपन्न हुआ। पंडित जी ने कहा कि जो भी भक्त भगवान शिव की आराधना में सच्ची श्रद्धा, निष्ठा और पूर्ण समर्पण भाव रखता है, उस पर भोलेनाथ की कृपा सदैव बनी रहती है। उन्होंने शिव महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए सभी श्रद्धालुओं को सन्मार्ग, धर्म और भक्ति के रास्ते पर चलने का संदेश दिया।मंदिर परिसर में आयोजित इस कथा में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचकर शिव भक्ति के अमृत रस का आनंद ले रहे हैं। कथा आयोजकों ने क्षेत्रवासी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करें और भगवान शिव का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को धन्य बनाएं।