गुरुग्राम। सृजन और उन्नति के देवता तथा देवताओं के पहले शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती आज वीरवार को धूमधाम से मनाई जाएगी। कारखानों, औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों में प्रबंधन व कर्मचारियों द्वारा भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दिन कर्मचारी किसी भी प्रकार के औजार का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि उपकरणों व मशीनों की सफाई कर उनकी विधि-विधान से पूजा करते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा को वास्तुशास्त्र का देवता और ब्रह्मांड का प्रथम इंजीनियर माना जाता है। मान्यता है कि उन्होंने सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा के सातवें धर्मपुत्र के रूप में जन्म लिया था। मशीनों, औजारों और निर्माण कार्य से जुड़े हर वर्ग के लिए यह पर्व अत्यंत खास है, जिसे कल गुरुग्राम सहित पूरे देश में पूरी भव्यता के साथ मनाया जाएगा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कलाकार भी विश्वकर्मा की प्रतिमाओं को अंतिम रुप देने में लगे हैं।
आज धूमधाम से मनाई जाएगी विश्वकर्मा जयंती

