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आईपीएस हमीद अख्तर डीआईजी से पदोन्नत होकर बने आईजी,

गुरुग्राम। प्रदेश के तेजतर्रार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हमीद अख्तर को प्रदेश के गृह विभाग ने उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद से पदोन्नत कर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) बना दिया है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत यह पदोन्नति पे-मैट्रिक लेवल-14 में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इस पदोन्नति से पहले वे हरियाणा सशस्त्र पुलिस (एचएपी), मधुबन में डीआईजी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि आईपीएस हमीद अख्तर का पुलिस सेवा का अनुभव बेहद व्यापक और विविधतापूर्ण रहा है। उन्होंने अपने अब तक के करियर में जिला पुलिसिंग, विजिलेंस, सुरक्षा, आर्म्ड पुलिस और स्टेट क्राइम ब्रांच जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां बखूबी संभाली हैं। वह रेवाड़ी, नारनौल/महेन्द्रगढ़, सिरसा और अंबाला जैसे जिलों में बतौर एसपी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। सिरसा में बतौर एसपी उनके कार्यकाल के दौरान नशे के खिलाफ चलाए गए ‘प्रबल प्रहार’ अभियान की काफी सराहना हुई थी, जिसमें ड्रग्स तस्करी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता और सुधार के प्रयास किए गए थे। वर्ष 2017 में पंचकूला में उपजे तनावपूर्ण हालात और कोविड-19 महामारी के दौरान अंबाला में नकली रेमेडिजिर इंजेक्शन रैकेट व अवैध शराब के खिलाफ की गई सख्त कार्रवाई उनके कड़े प्रशासनिक कौशल को दर्शाती है। जिला पुलिसिंग के बाद स्टेट क्राइम ब्रांच में रहते हुए उन्हें कई अति-संवेदनशील और गंभीर मामलों की जांच की कमान सौंपी गई। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कई रिकॉर्ड्स में भी उनकी अध्यक्षता वाली एसआईटी की कार्यप्रणाली का उल्लेख मिलता है, जो उनकी कार्यकुशलता और निष्पक्षता को प्रमाणित करता है। डीआईजी से आईजी पद पर पदोन्नत होने के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में उनकी नई पोस्टिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से उनकी नई तैनाती का आदेश नहीं आया है, लेकिन उनके शानदार और बेदाग ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस विभाग में उन्हें कोई बड़ी और अहम जिम्मेदारी मिलने की पूरी उम्मीद है। उनकी इस उपलब्धि पर शुभचिंतकों और पुलिस महकमे में हर्ष का माहौल है।