गुरुग्राम। प्रतिष्ठित निवेश कंपनियों के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ऐप बनाकर दो करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली गई। गुरुग्राम पुलिस ने ठगी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने सोमवार को बताया कि साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह का तार दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट से जुड़ा पाया गया है।
जानकारी के अनुसार 19 जुलाई 2026 को पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व गुरुग्राम में एक शिकायत मिली। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे प्रतिष्ठित निवेश कंपनियों के नाम से बने फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। आरोपियों ने फर्जी निवेश ऐप के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल दो करोड़ 65 लाख 55 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब शिकायतकर्ता ने निवेश की राशि और लाभ निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने और पैसे जमा कराने की मांग की। तब पीडि़त को ठगी का पता चला। शिकायत के आधार पर थाना साइबर अपराध पूर्व में केस दर्ज कर जांच स्पेशल साइबर अपराध शाखा, सेक्टर-56 को सौंपी गई। एसीपी साइबर गौरव फोगाट के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में गाजियाबाद के सोनू चौधरी, बहादुरगढ़ के पुनीत चौधरी, विकास, अभिषेक शर्मा, दुष्यंत चौधरी के अलावा दिल्ली के सम्राट सिब्बल हैं। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पुनीत ने बहादुरगढ़ में 17 हजार रुपये महीने पर फ्लैट किराए पर ले रखा था। यहीं से फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन, विभिन्न लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाना, फर्जी ई-मेल आईडी और दस्तावेज तैयार करने का काम होता था।
पुनीत ने अभिषेक, विकास और दुष्यंत को 15-20 हजार रुपये महीने वेतन पर रखा हुआ था। ये सभी बैंक खाते खुलवाकर दुबई स्थित साइबर ठगी सिंडिकेट को सप्लाई करते थे। ठगी की राशि का लगभग पांच प्रतिशत कमीशन इन्हें मिलता था। आरोपी सोनू ने अपनी फर्म का बैंक खाता 60 हजार रुपये में पुनीत को बेचा था। उसी खाते में ठगी के छह लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी पुनीत कई बार दुबई जा चुका है और अब तक 200 से अधिक बैंक खाते दुबई सिंडिकेट को दे चुका है। उसके कब्जे से दुबई वीजा सहित पासपोर्ट भी बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 03 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 90 एटीएम कार्ड, 42 चेकबुक, 35 सिम कार्ड, चार फर्मों की स्टाम्प और एक पासपोर्ट बरामद किया है। सभी आरोपियों को 19 जुलाई को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब दुबई में बैठे अन्य आरोपियों, फर्जी फर्मों, बैंक खातों के प्रवाह और अन्य राज्यों में की गई ठगी की जांच कर रही है।
निवेश के नाम पर ठगी गिरोह में शामिल छह आरोपी गिरफ्तार

