गुरुग्राम। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य कार्यकारिणी की कन्वेंशन रविवार को कर्मचारी भवन, रोहतक में आयोजित की गई, जिसमें 6 अगस्त से जारी राज्यव्यापी हड़ताल को और तेज करने का निर्णय लेते हुए इसे 3 दिन बढ़ाकर 2 सितंबर तक जारी रखने का ऐलान किया गया। हड़ताल के 25वें दिन पुराने नगर निगम कार्यालय में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य उप-प्रधान बसंत कुमार और वरिष्ठ उप-प्रधान सम्मी बोहत ने कहा कि हरियाणा सरकार पुलिसिया दमन और गिरफ्तारियों के जरिए आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 मई को हुई वार्ता में सरकार ने पालिका रोल के 13,000 कच्चे कर्मचारियों और 1,175 फायरमैनों को पक्का करने, सफाई व सीवर का ठेका समाप्त करने, छंटनीग्रस्त 3,480 कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने और जोखिम भत्ता देने सहित 17 मांगों पर सहमति जताई थी। लेकिन अब तक कोई पत्र जारी न करके सरकार वादाखिलाफी कर रही है। उनका कहना है कि 11 वर्षों में पक्की भर्ती न करके दलित व वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारों का गुलाम बनाया जा रहा है। अन्य विभागों की तरह नगर निगम कर्मचारियों को भी ठेकेदारी से मुक्त कर पक्का किया जाए। सरकार गलत बयानी कर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि शहर में कचरे के ढेर से बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 3 सितंबर तक मानी गई मांगों के आधिकारिक आदेश जारी नहीं किए गए, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
नगर पालिका कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल 3 सितंबर तक बढ़ी

