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 दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर 42 से ज्यादा अवैध कट, एनएचएआई पर उठे गंभीर सवाल

गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध सफर का दावा करने वाले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की जमीनी हकीकत पलवल मार्ग पर बेहद डरावनी नजर आ रही है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यह हाईवे अब हादसों का सबब बनता जा रहा है। हाल ही में अजीजपुर कोसीकलां से पलवल तक किए गए एक सर्वेक्षण में सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिली हैं। इस पूरे रूट पर 42 से अधिक ऐसे खतरनाक और अवैध एंट्री पॉइंट्स (कट) चिन्हित किए गए हैं, जो तेज रफ्तार वाहनों के लिए सीधे मौत का जाल बन रहे हैं।
होटल, ढाबे और पेट्रोल पंपों की डायरेक्ट एंट्री बनी आफत
सर्वेक्षण के दौरान सामने आया कि हाईवे किनारे बने होटलों, ढाबों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और पेट्रोल पंपों के मालिकों ने नियमों को ताक पर रखकर सीधे मुख्य मार्ग से अपनी एंट्री जोड़ ली है। सडक़ सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, नियंत्रित प्रवेश वाले एक्सप्रेसवे या राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऐसी सीधी एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियमानुसार, इन प्रतिष्ठानों के लिए सर्विस रोड, एक्सेलरेशन और डीसिलरेशन लेन के साथ पुख्ता बैरिकेडिंग होनी चाहिए। लेकिन यहाँ वाहन बिना किसी चेतावनी बोर्ड या संकेतक के अचानक हाईवे पर चढ़ते और उतरते दिखाई देते हैं, जिससे पीछे से आ रहे तेज गति के वाहनों के लिए ब्रेक लगाना असंभव हो जाता है।
100 मीटर तक गायब हैं ग्रिल, आवारा पशु और ट्रैक्टरों का कब्जा
हाईवे पर केवल अवैध कट ही समस्या नहीं हैं, बल्कि सुरक्षा फेंसिंग का भी बुरा हाल है। कई स्थानों पर 100 मीटर से भी अधिक दूरी तक लोहे की सुरक्षा ग्रिल पूरी तरह गायब मिली। बैरिकेडिंग न होने की वजह से स्थानीय ट्रैक्टर-ट्रॉली, दोपहिया वाहन और आवारा पशु अचानक मुख्य मार्ग के बीचोबीच आ जाते हैं, जिससे हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
दुर्घटना का बढ़ता खतरा
राष्ट्रीय राजमार्ग पर 42 से अधिक खतरनाक एंट्री/कट चिन्हित किए गए, 100 मीटर व उससे भी अधिक दूरी तक सुरक्षा ग्रिल गायब, कई प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर कोई बैरिकेडिंग नहीं, पशुओं और स्थानीय वाहनों की मुख्य मार्ग पर अनियंत्रित आवाजाही, होटलों, ढाबों एवं पेट्रोल पंपों से सीधे हाईवे पर वाहनों का प्रवेश तथा तेज रफ्तार वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले स्थानीय वाहन सबसे बड़ा खतरा साबित हो रहे हैबं।
क्या कहते हैं सडक़ सुरक्षा मानक?
सडक़ सुरक्षा मानकों के अनुसार नियंत्रित प्रवेश वाले मार्गों पर कोई भी अनधिकृत कट नहीं होना चाहिए। मुख्य मार्ग के किनारे बने होटलों और पेट्रोल पंपों के लिए अलग से सर्विस रोड अनिवार्य है। मुख्य मार्ग को स्थानीय रास्तों से अलग करने के लिए मजबूत फेंसिंग और सुरक्षा ग्रिल लगातार बनी रहनी चाहिए। रिफ्लेक्टर, स्पीड कंट्रोल उपाय और पर्याप्त चेतावनी संकेतक होने आवश्यक हैं।
जनता की मांग है जल्द बंद हों ये डेथ पॉइंट्स
स्थानीय निवासियों और राहगीरों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी रोष है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि इन 42 से ज्यादा अवैध और असुरक्षित एंट्री पॉइंट्स को तत्काल बंद नहीं किया गया, तो भविष्य में यहाँ बड़ी जनहानि हो सकती है। लोगों ने मांग की है कि एनएचएआई और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से इसका निरीक्षण कर तुरंत सख्त कदम उठाए। जब देश विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बात कर रहा है, तब पलवल मार्ग की यह बदहाली बड़े दावों की पोल खोलती है।
क्या कहना है अधिकारियों का
दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के रख-रखाव प्रबंधक सौरभ पंवार का कहना है कि हमारी टीम लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। हाईवे पर जितने भी अवैध कट या अनधिकृत रास्ते बनाए गए हैं, उन्हें चिन्हित कर बंद करने की कार्रवाई जल्द ही हमारी टीम द्वारा अमल में लाई जाएगी। एनएचएआई के प्रौजेक्ट डायरेक्टर धीरज कुमार का कहना है कि राजमार्ग पर अवैध कट होने की जानकारी है। जैसे ही प्राधिकरण को ऐसे अनधिकृत कटों की सूचना मिलती है, संबंधित निर्माण और रख-रखाव एजेंसी को पत्र लिखकर उन्हें तुरंत बंद करने के लिए कहा जाता है।