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ऑटिस्टिक बच्चों की स्टेम सेल थेरेपी को लेकर अभिभावकों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन

गुरुग्राम। ऑटिज्म और सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के परिवारों ने स्टेम सेल थेरेपी पर यश चैरितैबल ट्रस्ट एवं अन्य बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर रविवार को पेरेंट्स फोरम फॉर स्टेम सेल्स इन ऑटिज्म एंड सेरेब्रल पाल्सी के बैनर तले सुभाष चंद्र बोस पार्क में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावक, दादा-दादी और अन्य परिजन शामिल हुए। परिजनों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्य न्यायाधीश को खुला पत्र भेजकर मांग की कि प्रभावित परिवारों को सुनवाई का निष्पक्ष अवसर दिया जाए तथा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत बच्चों के स्वास्थ्य और मौलिक अधिकारों की रक्षा की जाए। अभिभावकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश से पहले से थेरेपी ले रहे बच्चों का इलाज प्रभावित हो सकता है। साथ ही, बच्चों को क्लीनिकल ट्रॉयल करने वाले संस्थानों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया व्यावहारिक रूप से काफी कठिन है। ऑटिस्टिक बच्चे की मां और पेशे से चिकित्सक डॉ. सीमा मेहरोत्रा ने कहा कि स्टेम सेल थेरेपी के बाद उनके बच्चे के स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा गया है। उन्होंने मांग की कि न्यायालय और सरकार वैज्ञानिक शोधपत्रों, डॉक्टरों के क्लिनिकल डेटा और मरीजों के प्रत्यक्ष अनुभवों पर निष्पक्षता से विचार करें। अभिभावकों ने फार्मा कंपनियों द्वारा बनाए गए उत्पादों और ऑटोलॉगस थेरेपी के अंतर को समझने पर बल दिया। दिल्ली में सार्वजनिक सभाओं पर लगी पाबंदियों के कारण प्रदर्शन स्थल गुरुग्राम चुना गया। फोरम ने अपील की है कि किसी भी कड़े कदम से पहले बच्चों की व्यक्तिगत चिकित्सा जरूरतों और उनके परिवारों की परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जाए।