गुरुग्राम। श्रमिक संगठन ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के नई दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में राज्य पदाधिकारियों की बैठक का आयोजन राज्य अध्यक्ष कामरेड पहल सिंह तंवर की अध्यक्षता में किया गया। मंच संचालन राज्य महासचिव अनिल पवार एडवोकेट ने किया। बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में एटक की राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड अमरजीत कौर शामिल हुई। मुख्य वक्ता कॉमरेड अमरजीत कौर ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार की नीतियां पूरी तरह से कॉर्पोरेट घरानों के पक्ष में झुकी हुई हैं। 4 श्रम संहिताओं को लागू करके सरकार ने पिछले 100 वर्षों के लंबे संघर्ष से मजदूरों द्वारा हासिल किए गए अधिकारों को छीनने का काम किया है। 8 घंटे के कार्यदिवस को बढ़ाकर 12 घंटे करना और हड़ताल के अधिकार को लगभग अवैध बनाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूंजीवाद का संकट गहराता जा रहा है, और युद्ध की नीतियों के कारण पूरी दुनिया में महंगाई व बेरोजगारी बढ़ रही है, जिसका सबसे भारी बोझ मजदूर वर्ग को उठाना पड़ रहा है। बैठक में हरियाणा के स्थानीय औद्योगिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। कामरेड अनिल पंवार ने कहा कि राज्य में न्यूनतम वेतन ठीक से लागू नहीं हो रहा है, डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है और ठेका प्रथा चरम सीमा पर है। गुडग़ांव, मानेसर, रेवाड़ी, पानीपत, भिवानी और फरीदाबाद जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों का उत्पीडऩ लगातार बढ़ रहा है, जहाँ तक कि उन्हें ईएसआई और पीएफ जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। बैठक में आगामी 23-24 अक्टूबर को रेवाड़ी जाट धर्मशाला में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने की रूपरेखा तैयार की गई। सम्मेलन में प्रदेश के सभी जिलों से भारी संख्या में प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें आंगनवाड़ी वर्कर्स, निर्माण मजदूर, ऑटो यूनियन, रिटायर कर्मचारी संगठन, रोडवेज संगठन और महिला संगठनों सहित विभिन्न संघों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया गया। बैठक में कामरेड दरियाव सिंह कश्यप, कामरेड बेचू गिरी, बिशंबर सिंह, वेरियम सिंह, फूल सिंह कम्बोज, सुरेश गौर, कुलदीप सिंह, बलबीर कम्बोज, मनोज कुमार, अजय कुमार, कर्ण सिंह, सतीश नाहड़, जय सिंह धनखड़ और हरभजन सिंह सिंधु सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
एटक की राज्य कार्यकारिणी की हुई बैठक

