गुरुग्राम। गुरुग्राम और नूंह जिले में बिजली आपूर्ति हेतु किसी निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में बिजली कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को बिजली विभाग गुरुग्राम के सर्कल कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरक चेयरमैन मुकेश गर्ग का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी जताई। विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्कल सचिव दलबीर मोर ने की, जबकि मंच का सफल संचालन सर्कल सचिव अमरजीत जाखड़ द्वारा किया गया। संयुक्त मोर्चा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि संयुक्त संघर्ष मोर्चा के घटकों ने यह दृढ़ निर्णय लिया है कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर बिजली व्यवस्था का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निजीकरण का सीधा और घातक प्रभाव आम उपभोक्ताओं, किसानों और कर्मचारियों के हितों पर पड़ेगा। इसी के विरोध में आज गुरुग्राम और नूंह सहित पूरे हरियाणा के सभी सर्कल कार्यालयों पर पुतला दहन किया गया है। उन्होंने कहा कि आज बुधवार को प्रदेश के सभी सब-डिवीजन कार्यालयों पर निजीकरण के आदेशों एवं प्रतियों की होली जलाई जाएगी तथा 22, 23 और 24 अक्टूबर को निजीकरण के विरोध में पूरे हरियाणा के बिजली कर्मचारी व अधिकारी 3 दिवसीय पूर्ण प्रदेशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से इंजीनियर सुरेश रुहिल, मनोज नेहरा, संदीप जेलवाल, पूनम चंद, आकाशदीप, मैडम सरोज, सुशील शर्मा, राजेश ठाकरान, मुकेश भयाना, सच्चितानंद, पवन गोयल, विजय, राकेश, अजीत, नरेंद्र और राजकुमार शर्मा सहित कई प्रमुख कर्मचारी नेताओं व सदस्यों ने बढ़-चढक़र भाग लिया।
बिजली के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर फूंका केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री का पुतला

