हिंदू समुदाय में एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है।ज्येष्ठ मास में पडऩे वाली एकादशी को अचला या अपरा एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी आज वीरवार को धूमधाम से श्रद्धालुओं द्वारा मनाई जाएगी। वीरवार का दिन होने से इस एकादशी का महत्व और बढ़ रहा है।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि एकादशी तिथि व वीरवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित माने गए हैं। इस एकादशी तिथि पर तिथि, वार, नक्षत्र और ग्रहों से मिलकर सूर्योदय के साथ 6 शुभ योग बन रहे है। जिससे अपरा या अचला एकादशी व्रत का कई गुना शुभ फल मिलेगा।
उनका कहना है कि आज वीरवार को सूर्योदय के साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग लगेगा। सूर्य व बुध की युति से बुधादित्य योग, गुरु-चंद्र-मंगल से गजकेसरी व महालक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही आयुष्मान और मित्र नाम के शुभ योग भी बन रहे हैं। उनका कहना है कि एकादशी पर पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है। गरीबों व जरूरतमंद को दान करने की भी परंपरा है। मान्यता है कि इस
दिन मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु की पूजा करने से सुख-समृद्धि का वास होता है।

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