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नगर निगम के अधिकांश पार्षदों का एक साल का कार्यकाल रहा शून्य

गुरुग्राम। आज 13 मार्च को नगर निगम के पार्षदों को वार्डों की जिम्मेदारी संभाले एक वर्ष हो जाएगा। देखा जाए तो इस एक वर्ष में गुरुग्राम की जनता विकास कार्यों से पूरी तरह दूर रही है। शिवसेना के राज्य सह संगठन मंत्री एवं जिला प्रभारी संजय ठकराल ने अधिकांश पार्षदों के कामकाज और शहर की मौजूदा स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक साल का समय बदलाव के लिए पर्याप्त होता है, लेकिन गुरुग्राम के अधिकांश वार्डों में स्थिति सुधरने के बजाय और बदतर हुई है। चुनाव के समय पार्षदों ने जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज एक साल बाद भी जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान का दम भरने वाले गुरुग्राम के हर कोने में कूड़े के अंबार लगे हैं। वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मानसून आने से पहले ही शहर की सडक़ों का बुरा हाल है। नालियों की सफाई न होने के कारण हल्की बारिश में भी गलियां तालाब बन जाती हैं। कई वार्डों में अंधेरा पसरा रहता है, जिससे अपराध बढऩे का खतरा रहता है, लेकिन पार्षदों का ध्यान इस ओर नहीं है। ठकराल ने कहा कि पार्षदों ने पिछले एक साल में केवल बैठकों और फोटोबाजी तक खुद को सीमित रखा है। क्या एक साल में किसी भी वार्ड में कोई ऐसा प्रोजेक्ट पूरा हुआ है जिसे पार्षद अपनी उपलब्धि बता सकें? उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि विकास कार्य फाइलों में तो दिख रहे हैं, लेकिन जमीन पर गायब हैं। गुरुग्राम की जनता ने जिन उम्मीदों के साथ अपने प्रतिनिधियों को चुना था, आज वो खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। शिवसेना इस निष्क्रियता के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आने वाले समय में पार्षदों ने अपने कार्यशैली में सुधार नहीं किया और वार्डों की समस्याओं का समाधान नहीं निकाला, तो शिवसेना गुरुग्राम की जनता के साथ मिलकर सडक़ों पर उतरेगी।