गुडग़ांव। आधुनिकता के इस दौर और बदलते परिवेश में जिंदगी भागदौड़ भरी हो गई है। हर कोई अपने काम में व्यस्त दिखाई दे रहा है। जिससे दिमागी तनाव बढ़ जाता है और स्वास्थ्य खराब होने का भी सदैव भय बना रहता है। अच्छी सेहत के लिए अच्छी नींद होना भी बेहद जरूरी है। हिंदू धर्मग्रंथों में भी सोने का सही नियम क्या है यह बताया गया है। इसके समुचित नींद लेने से जहां स्वास्थ्य लाभ होता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। प्रतिवर्ष 17 मार्च को विश्व नींद दिवस का आयोजन किया जाता है। विश्व नींद दिवस के महत्व को बताते हुए ज्योतिषाचार्य डा. मनोज शर्मा का कहना है किअच्छी नींद से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार, चेतना और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
उनका कहना है कि भविष्य पुराण के बताया गया है कि सोने से पहले व्यक्ति को हमेशा ही हाथ-पैर धोकर सोना चाहिए, जिससे शरीर में शीतलता आती है। वहीं विष्णु पुराण में बताया गया है कि कभी भी गंदे बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए। मनुस्मृति के मुताबिक सूने या निर्जल घर में अकेले नहीं सोना चाहिए, इसके अलावा किसी देव मंदिर या शमशान में सोना भी अशुभ होता है। पद्मपुराण में बताया गया है कि स्वस्थ शरीर और लंबी आयु के लिए रात में जल्द सो जाना चाहिए और बह्मा मुहूर्त में सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए। इसके अलावा चाणक्य नीति में बताया गया है कि ऐसे लोग जो विद्यार्थी, नौकर या द्वारपाल होते हैं, उन्हें अधिक नहीं सोना चाहिए। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार कभी भी दरवाजे की ओर पैर करके नहीं सोना चाहिए।
वास्तु शास्त्र में भी इसे अशुभ माना गया है। इसके अलावा वैज्ञानिक दृष्टि से भी इंसान को कभी भी उत्तर दिशा की ओर सिर करके नहीं सोना चाहिए क्योंकि इससे शरीर में मौजूद लौह तत्व में चुंबकीय गुण आने लगते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। डा. मनोज का कहना है कि विश्व नींद दिवस प्रतिवर्ष मार्च में जब दिन-रात समान अवधि के होते हैं से पहले शुक्रवार को मनाया जाता है। पहला विश्व नींद दिवस 14 मार्च 2008 को आयोजित किया गया था। इसकी स्थापना के बाद से इसका लक्ष्य और उद्देश्य स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद लेने की आवश्यकता के बारे में जागरुकता फैलाना और नींद से संबंधित मुद्दों पर काम करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय और स्थानीय निकायों को एक साथ लाना रहा है। नींद स्वास्थ्य के लिए बड़ी आवश्यक है, जैसे अच्छा खाना और व्यायाम सेहत के लिए जरुरी है, वैसे ही नींद भी जरुरी है।
नींद की कमी स्वास्थ्य और कामकाजी जिंदगी को प्रभावित कर सकती है। यदि पर्याप्त नींद नहीं आ रही है तो व्यक्ति को बैचेनी, याददास्त की कमी जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। डा. मनोज का कहना है कि नींद हमें तनावमुक्त रखती है। अच्छी नींद लंबी उम्र भी प्रदान करती है। नंीद की कमी से दिमाग का वह हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित होता है, जो हमारी सहनशीलता को नियंत्रित करता है। इसलिए अच्छी सेहत के लिए सभी को अच्छी गुणवत्ता की नींद लेनी चाहिए।


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