प्रशासन से लगाई गुहार, शीघ्र कराया जाए मरम्मत का कार्य
गुडग़ांव। साईबर सिटी के नाम से विख्यात गुडग़ांव के विभिन्न क्षेत्रों में गगनचुबी इमारतों का निर्माण बिल्डर्स व सहकारी समितियों द्वारा किया गया है। इन गगनचुंबी इमारतों से शहर का महत्व देश के अन्य शहरों सहित विदेशों तक में भी बढ़ गया है। इन इमारतों में अपने जीवन की गाढ़ी कमाई फ्लेट लेने वाले लोग लगा देते हैं, लेकिन अधिकांश इमारतों में रहने वाले लोगों को विभिन्न परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। फ्लेट में रहने वाले लोग बिल्डर्स व सोसायटी पर आरोप लगाते रहे हैं कि भवन निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिसके कारण प्लास्टर आदि भी झड़ता रहता है और कई बार तो लोग दुर्घटनाओं का शिकार भी हो जाते हैं।
शहर की कई सोसायटीज में बड़ी दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। गत वर्ष चिंटेल्स में फ्लोर गिर जाने से जान-माल की हानि भी हुई थी। इसी प्रकार झाड़सा क्षेत्र स्थित द गवर्नमेंट एंप्लाइजिंग कॉपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी द्वारा निर्मित बहु मंजिली इमारतों में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जो बिल्डिंग बनाई गई है, उसकी हालत ठीक नहीं है। निवास करने वाले लोगों का आरोप है कि जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ा हुआ है और यह सिलसिला जारी है। उनका कहना है कि घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। उनका कहना है कि समिति प्रबंधन से भी इसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समिति प्रबंधन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
समिति के फ्लेट के निवासियों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि उनकी समस्याओं का समाधान समय रहते कराया जाए। कभी भी कोई दुर्घटना घटित हो सकती है। समिति प्रबंधन से विभिन्न टॉवरों में मरम्मत का कार्य अबिलंव कराया जाए, अन्यथा निवासियों को मजबूर होकर अपनी इन मांगों को लेकर सडक़ों पर उतरना पड़ेगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी समिति प्रबंधन की ही होगी।


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