गुरुग्राम जिला टैक्सेशन बार ऐसोसिएशन की बैठक में जीएसटी की खामियों को लेकर अधिवक्ताओं और व्यापारियों को हो रही समस्याओं पर विचार किया गया।
जिला टैक्सेशन बार ऐसोसिएशन के प्रधान नवीन गुप्ता एडवोकेट के अनुसार चार-चार मासिक रिर्टन भरना सम्भव ही नही है। प्रधान नवीन गुप्ता ने आगे कहा कि व्यापारी व अधिवक्ता पिछले तीन महीनों में मानसिक व शारीरिक रुप से परेशान हो चुके है। मौजूदा सरकार सरलीकरण के नाम पर रिर्टन पर लेट फीस लगाकर व्यापारियों का मानसिक व आर्थिक शोषण कर रही है।
जिसकी वजह से पूरे हिन्दुस्तान के व्यापारियों, सीए व अधिवक्ताओं में रोष बैठता जा रहा है। प्रघान नवीन गुप्ता ने कहा कि जब सरकार ने यह स्पष्ट कह दिया कि जीएसटी में पहली रिर्टन पर कोई भी पैनल्टी नही लगायी जाएगी तो उसके बाद भी जीएसटी 3बी पर लेट फीस जो कि 200 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पैनल्टी लगाई जा रही है, जो कि बिल्कुल भी न्यायसंगत नही है।
सरकार अपनी नाकामियों का खामियाजा व्यापारियों पर जुर्माना लगाकर वसूल कर रही है। साॅफ्टवेयर पूरे दिन में मुश्किल से पांच से सात घंटे ही चलता है। ऐसे में देश के लगभग 80 लाख व्यापारी कैसे समय पर अपनी रिर्टन दाखिल कर सकते है। हरियाणा सरकार के जीएसटी के आला अधिकारी किसी भी प्रकार की दिक्कतों के बारें में सुनने को तैयार नही है। प्रधान नवीन गुप्ता ने आगे कहा अगर सरकार ने मौजूदा कर प्रणाली में सुधार नही किया तो मजबूरन उन्हें सरकार के खिलाफ हड़ताल पर बैठना पड़ेगा।
बैठक में टैक्सेशन बार एसोसिएशन के उप-प्रधान वी के चैहान, सचिव जग भूषण गुप्ता, कोषाध्यक्ष धर्मवीर वर्मा, ज्ञानप्रकाश गर्ग, राजेश खुटा, राकेश जैन, पी सी सिंगला, के के बम्ब, बिजैन्द्र गर्ग, संजीव जैन, रमेश वामल, नवीन सिंगला, मोतीलाल शर्मा, नरेश डाबर, राजकुमार जैन, सतीश शर्मा, दीपक कटारिया, संजीव शर्मा, दिनेश सिंगल, राकेश ठक्कर आदि उपस्थित हुए।


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